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एजुकेशनमहाराजगंज

महराजगंज : काव्य सृजन कार्यशाला में विद्यार्थियों ने कविता लेखन के सीखें गुर

महराजगंज। पी.एम.श्री. जवाहर नवोदय विद्यालय में दो दिवसीय काव्य -सृजन कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें साहित्यिक अभिरुचि वाले विद्यार्थियों ने प्रतिभाग कर प्रशिक्षक के रूप में आए प्रतिष्ठित साहित्यकारों से कविता लेखन के गुर सीखे।इस मौके पर एक सरस कवि सम्मेलन का आयोजन भी किया गया। केंद्र सरकार के पी. एम. श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में दो दिवसीय काव्य -सृजन -कार्यशाला का आयोजन किया गया । इस कार्यशाला में विद्यालय के कक्षा छठवीं से लेकर ग्यारहवीं तक के कुल साठ विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।कार्यशाला में लखीमपुर जिले से आए देश के प्रसिद्ध गीतकार ज्ञानप्रकाश आकुल,बहराइच से आए प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ दिनेश त्रिपाठी शम्स तथा सिद्धार्थनगर से युवा कवि पंकज सिद्धार्थ  ने प्रशिक्षक के रूप में विद्यार्थियों को कविता लेखन की बारीकियां सिखाईं ।

कार्यशाला का मुख्य फोकस कविता के महत्व, उसके सामाजिक योगदान, लेखन प्रक्रिया और छंद-रचना पर रहा । इस कार्यशाला में कविता को समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका के रूप में प्रस्तुत किया गया । लोक व्यवहार में कविता का स्वरूप, भारतीय काव्य परंपरा, और कविता की सकारात्मकता पर चर्चा से छात्रों को सांस्कृतिक और भावनात्मक विकास मिला। कार्यशाला ने विद्यालय स्तर पर रचनात्मक शिक्षा को बढ़ावा दिया। जो युवाओं में साहित्यिक जागरूकता पैदा करने में सहायक हुआ।आयोजन के दूसरे दिन सायं एक सरस काव्य संध्या का भी आयोजन किया गया । जिसमें  युवा गीतकार  प्रशांत मिश्र ‘ मन ‘, ग़ज़लगो तशरीफ़ खान,शशि कुमार वर्मा,नवीन कुमार शुक्ला , कुमार देवेश ने काव्य पाठ किया ।ज्ञान प्रकाश आकुल अपने गीतों मुक्तकों से शमा बांधा ।

वरिष्ठ साहित्यकार डॉ दिनेश त्रिपाठी शम्स ने आयोजन की अध्यक्षता की ,अपने अध्यक्षीय काव्य पाठ में सुनाया-हमारी भावनाओं में छुपा हर मर्म भारत है ।
ये तन जिसको समर्पित है वो प्यारा कर्म भारत है ।
समाहित है हमारे मन की हर पहचान इसमें ही ,
हमारी जाति भारत है हमारा धर्म भारत है ।
काव्य – संध्या का संचालन गजलकार पंकज सिद्धार्थ ने किया ।इस मौके पर प्रशिक्षु विद्यार्थियों  ने भी काव्य पाठ किया।काव्य – संध्या के दौरान विद्यालय के प्राचार्य श्री राकेश कुमार राय , उपप्राचार्य धीरज कुमार  व संयोजक अनिल कुमार मौर्या के हाथों आए हुए अतिथि प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया ।

प्राचार्य राकेश कुमार राय ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह  कार्यशाला एक संपूर्ण रचनात्मक पैकेज है जो कविता को केवल साहित्यिक नहीं बल्कि सामाजिक और व्यक्तिगत विकास का माध्यम बनाएगी।कार्यशाला के समापन अवसर पर प्रशिक्षु विद्यार्थी महमूद, निखिल आदि ने अपना फीडबैक देते हुए आयोजन के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

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