पटना:डाॅ.सुनील कुमार पाठक डाॅ.कृष्णदेव उपाध्याय स्मृति सम्मान से सम्मानित, साहित्यकरो ने दी बधाई




पटना।साहित्यकार डाॅ.सुनील कुमार पाठक को “लोकसाहित्य मर्मज्ञ विद्वान डाॅ.कृष्णदेव उपाध्याय स्मृति सम्मान -2025″से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में सम्मानित किया गया।जीवनोदय शिक्षा समिति के तत्वावधान में आयोजित एक अन्तरराष्ट्रीय सेमिनार में डाॅ.पाठक को यह सम्मान समिति के अध्यक्ष डाॅ.रामनारायण तिवारी आयोजन की अध्यक्ष डाॅ.नीरजा माधव एवं मारिशस की लब्धप्रतिष्ठ साहित्यकार सरिता बुद्धू द्वारा प्रदान किया गया।सम्मान स्वरूप श्री पाठक को अंगवस्त्रम,प्रमाण पत्र एवं स्मृतिचिह्न दिया गया।सेमिनार के एक सत्र में डॉ.सुनील ने “परम्पराओं का पुनर्स्थापन :भारत और विदेश की आदिवासी एवं भोजपुरी संस्कृति के परिप्रेक्ष्य में”विषयक सत्र को भी संबोधित किया।सैद्धांतिक सत्र में बोलते हुए डॉ.पाठक ने कहा कि स्वस्थ और प्रगतिशील परम्पराएँ काल-प्रवाह में अपनी प्रासंगिकता और उपादेयता बनाये रहती हैं जबकि मानवता विरोधी और परम्पराओं का परित्याग ही श्रेयस्कर है।उन्होंने कहा कि स्त्री हित,दलित हित,कृषक-मजदूर हित को सुरक्षित रखने वाली परम्पराओं का परिपोषण आवश्यक है जब कि मानवीय संवेदना को धर्मान्धता,वैचारिक जड़ता ,शोषण आदि के प्रति सहिष्णु बनाने वाली परम्पराओं के प्रतिष्ठापन की कोई आवश्यकता नहीं है।उन्होंने कहा कि जो परम्परायें समय-सापेक्ष होकर मनुष्यता की वास्तविक पहचान को संवर्द्धित नहीं कर पातीं,वे अपनी प्रासंगिक ता खो देती हैं।श्री पाठक ने कहा कि भोजपुरी और आदिवासी दोंनो संस्कृतियाँ प्रगतिधर्मी और प्रतिरोध रचने वाली हैं,यही कारण है कि इनकी प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है।सत्र में प्रो.आशीष त्रिपाठी,डॉ.वैभव सिंह,डाॅ.पृथ्वीराज सिंह डाॅ.ॠषिराज चौबे,प्रो.रमाकांत सिंह आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये।श्री पाठक को यह ‘डाॅ.श्रीकृष्णदेव उपाध्याय स्मृति सम्मान दिये जाने पर डाॅ.पृथ्वीराज सिंह,डाॅ.शंकर मुनि राय, डाॅ.हरेराम पाठक,सूर्यदेव पाठक ‘पराग’,चंद्रेश्वर,संतोष पटेल,डाॅ.जौहर शाफिया वादी,सुभाष पाण्डेय,दिवाकर पांडेय,डाॅ.महामाया प्रसाद विनोद,दिलीप कुमार,जितेन्द्र कुमार,विनोद अनुपम,संतोष कुमार चतुर्वेदी आदि साहित्यकारों ने बधाई दी है।




