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आजमगढ़उत्तर प्रदेश

आजमगढ़:बिना पर्ची के कफ सिरप बना नशेड़ियों का मनपसंद

गोविन्द लाल शर्मा
आजमगढ़। अतरौलिया बाजार और आसपास के क्षेत्रों में कफ सिरप के दुरुपयोग का मामला तेजी से बढ़ रहा है। लोग खांसी और कफ के लिए बनी दवाओं को नशे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। शाम होते ही मेडिकल स्टोर्स पर कफ सिरप की बिक्री में तेजी आ जाती है, जहां लोग एक बार में पूरी बोतल पीकर नशा कर रहे हैं। कम कीमत में ज्यादा नशा देने के कारण कफ सिरप अब शराब का विकल्प बनता जा रहा है। एक स्थानीय दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि 20-25 रुपये में कफ सिरप की बोतल मिल जाती है, जबकि शराब की कीमत 70 रुपये से कम नहीं होती। कुछ कफ सिरप में कोडीन और मॉर्फिन जैसे नशीले तत्व होते हैं, जिनकी बिक्री बिना डॉक्टर की पर्ची के प्रतिबंधित है। इसके बावजूद, दुकानदार नकली और अल्कोहल युक्त कफ सिरप बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं।
इस मामले में दवा निरीक्षक सीमा वर्मा ने कहा कि कोडीन और मॉर्फिन युक्त दवाओं की बिक्री बिना पर्ची के नहीं होनी चाहिए। यदि कोई दुकानदार ऐसा करते पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस बढ़ते दुरुपयोग पर अंकुश लगाने और मेडिकल स्टोर्स की कड़ी निगरानी की मांग की है, ताकि कफ सिरप के नशे की लत को रोका जा सके।

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