
पहली बार “मल प्रत्यारोपण,करीब 15 लाख भारत में आई बीडी के मरीज
सुशील कुमार मिश्र/वाराणसी
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय , चिकित्सा विज्ञान संस्थान के अंतर्गत गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी विश्व IBD दिवस 19 मई को मनाया जा रहा है। विभाग में IBD क्लीनिक डॉ.देवेश प्रकाश यादव के द्वारा चलाया जाता है।लखनऊ और कोलकाता के मध्य केवल बीएचयू में ही आईबीडी क्लीनिक चलाया जाता है। जिसमें 2021 से अभी तक कुल 1388 मरीज IBD के पंजीकृत हो चुके हैं। इन्फ्लेमेटरी बॉवेल डिजीज दीर्घकालिक प्रजा जनक स्थितियों, मुख्य रूप से क्रांस डिजीज और अल्सरेटिव कोलाइटिस का समूह है, जिसके कारण आंतो में प्रदाह होता है। आईबीडी भारत में लगातार बढ़ता जा रहा है।करीब 15 लाख भारतीय आईंबीडी से ग्रस्त हैं।
आईबीडी के लक्षण/ निदान आहार
(आईबीडी के लक्षण)
पेट दर्द और ऐंठन, मल में रक्त,दस्त,
वजन घटना,भूख घटना
क्या खाएं –
छाछ, दही, केला, दलिया, मिक्स सब्जी
सब (छिलका रहित),लौकी,कद्दू, तरोई
आईबीडी का निदान
सिटी स्कैन, एंडोस्कोपी,अल्ट्रासाउंड
कोलोनोस्कोपी,मल जांच
क्या न खाएं–
डिब्बा बंद खाना, दूध, लाल मांस, तेल एवं मसालेदार भोजन, कोल्ड ड्रिंक, पिज्जा,
बर्गर, पैक्ड फूड प्रोसेस्ड और अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड।
डॉ. देवेश प्रकाश यादव ने बताया कि अस्पताल के डॉक्टर्स लाउंज में विभाग के विशेषज्ञ द्वारा आईबीडी के बारे में 19 मई को मरीजों को जागरूक करेंगे जिसमें पंजीकृत एवं नए मरीज भारी संख्या में भाग लेंगे।विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.देवेश प्रकाश यादव ने बताया कि हर वर्ष के 19 मई को सारी दुनिया विश्व आईबीडी दिवस पर आईबीडी के बारे में जागरूकता पैदा करने, लोगों की समझ बढ़ाने , खुली चर्चा के लिए प्रोत्साहित करने और बेहतर उपचारों तथा उसे ठीक करने की दिशा में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए एकजुट होती है। डॉ. यादव ने बताया कि विभाग में पहली बार मल प्रत्यारोपण का कार्य शुरु किया गया है शीघ्र ही यह व्यापक स्वरुप लेगा।पत्रकार वार्ता को विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. देवेश प्रकाश यादव, डॉ. एस . के.शुक्ला डॉ अनुराग कुमार तिवारी तथा डॉ.विनोद कुमार ने संबोधित किया एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. ब्रजेश कुमार ने किया।




