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कुशीनगर

गंदा है पर धंधा है, कुशीनगर में बेखौफ चल रहा देह व्यापार का कारोबार

समय समय पर होता रहा है जिस्मफरोसी के कारोबार का भंडाफोड़

प्रशासन और पुलिस के लिए चुनौती बने देह व्यापार कारोबार

कुशीनगर। तथागत बुद्ध की परिनिर्वाण स्थली कुशीनगर सहित आस-पास के क्षेत्रो में बेखौफ देह व्यापार का अवैध कारोबार फलफूल रहा है। सबब यह है कि कुशीनगर मे संचालित हो रहे तमाम रेस्टोरेंट व होटलों के कारोबारी गंदा है पर धंधा है के तर्ज पर नाबालिग व भोली-भाली मासूम लड़कियों को चकाचौंध की दुनिया का मलिका बनने का सपना दिखाकर उन्हें जिस्म के सौदागरों के आगे परोस रहे है। यही वजह है कि समाज को दूषित करने वाला व अन्तर्राष्ट्रीय फलक पर ख्याति प्राप्त बुद्धनगरी को कलंकित करने वाला यह कारोबार जनपद के आस-पास के गलियारों मे भी पांव पसारते जा रहा है।कहना ना होगा कि किसी मासूम की मजबूरी का फायदा उठाकर तो किसी को रातों-रात अमीर बनाने का सपना दिखाकर इस अनैतिक धंधे में उतारने वाले कुशीनगर के इज्जतदार रेस्टोरेंट व होटल मालिकों  द्वारा न सिर्फ भारतीय संस्कृति को खुलेआम रौंदा जा रहा बल्कि बहुतेरे लड़कियों का जिन्दगी बर्बाद कर उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। फलतः परिवार से बेदखली और सामाजिक तिरस्कार के बाद आज यह कालगर्ल अपने स्टेटस को कायम रखने के लिए खुद ही अपने ग्राहकों की तलाश कर वहशीपन की शिकार हो रही हैं। किन्तु अफसोस कार्यवाही करने वाले सरकार की सरकारी मशीनरी धृतराष्ट्र बना बैठा  हैं।

बतादे कि बुद्धनगरी कुशीनगर के  एनएच-28 पर स्थित तकरीबन दो- ढाई दर्जन से अधिक रेस्टोरेंट, ढाबा व होटलो मे बेखौफ संचालित हो रहे देह व्यापार का अवैध कारोवार का खेल कोई नया नहीं है। स्थानीय लोगों की माने तो बीते डेढ़ दशकों से यह अवैध कारोबार बुद्धनगरी मे  फल-फूल रहा है। यह बात दीगर है उस समय यह धंधा कुशीनगर मे  एक दायरे के अतर्गत सीमित था। किन्तु अब जिस्मफरोशी का यह धंधा महानगरों के भांति कुशीनगर मे भी कुछ सडक छाप एंव समाज में अपना प्रभाव जमाने वाले ऊचें रसूख के लोगो का कमाई का जरिया  बन गया है। सूत्रों की मानें तो कुशीनगर नेशनल हाइवे के हिरनहापुर से गोपालगढ़ के बीच लगभग दो दर्जन रेस्टोरेंट और होटलों मे सेक्स रैकेट संचालित करने वाले अनैतिक कारोबारियो से न सिर्फ शहर के बच्चे-बच्चे परिचित है बल्कि यहां के संभ्रांत लोग का इन पेशेवर रेस्टोरेंट व होटल मालिको से अच्छे ताल्लुकात है। इतना ही नही खाकी व तथाकथित पत्रकारों से चमडी बेचकर दमडी कमाने अनैतिक कारोबारियों से गहरा याराना भी है।

तथाकथित पत्रकार बने है संरक्षक
हाईवे के किनारे हिरनहापुर से गोपालगढ़ के बीच संचालित रेस्टोरेंट व होटल मालिकों का दावा है कि उनके इस अवैध कारोबार को कोई बंद नही कर सकता है। वह दम भरते है कि यहा के पुलिस प्रशासन के साथ साथ मीडिया मैनेज के नाम पर यहां के कुछ  पत्रकारों को भी हर माह नजराना भेट किया जाता है। इन होटलो और रेस्टोरेंट पर हो रहे अवैध कारोबार की जानकारी मिलने पर जब जिला मुख्यालय से पत्रकार पहुचे और वहा के कारोबारियों से पूछे कि यह अवैध धंधा कैसे चल रहा है?तो इस पर अवैध कारोबारियों ने कुछ कथित पत्रकारों का नाम लेते हुए पूछा कि इन्हें आप जानते है। इनसे बात कर लिजिए।

सूर्या होटल पर पकडे गये थे रंगरलियां मनाते जोडे
कुशीनगर के तमाम अवैध रूप से संचालित होटल व गेस्ट हाउसो में चल रहे देह व्यापार के कारोबार की लगातार मिल रही शिकायत को गंभीरता से लेते हुए चौकी प्रभारी गौरव शुक्ला ने नायब तहसीलदार के साथ मिलकर 6 मई मंगलवार को झंगुवा नहर के समीप स्थित सूर्या होटल पर छापेमारी कर तकरीबन नौ युगल जोड़ियों को रंगरलियां मनाते हुए पकडे थे, जिनका आगंतुक रजिस्ट्रर पर इंट्री नही था। इसके अलावा जांच मे यह तथ्य भी सामने आया कि होटल प्रबंधन द्वारा किसी भी आगंतुक की पहचान दर्ज नहीं की जाती है जो सराय एक्ट का खुलेआम उल्लंघन है। इसके अलावा होटल सराय एक्ट मे बिना रजिस्टर्ड अवैध रूप से संचालित हो रहा था। पुलिस ने सूर्याहोटल के संचालक के खिलाफ विभिन्न धाराओं मे मुकदमा दर्ज कर होटल को सील कर दिया था। बावजूद इसके कुशीनगर मे देह व्यापार का अवैध कारोबार थमने का नाम नही ले रहा है। वजह यह है कि इन अवैध कारोबारियों पर खाकी और कथित पत्रकारों की मेहरबानी है।

चन्द्रलोक गेस्ट हाउस पर पकडे गये युवक-युवतियां
बुद्धनगरी में जिस्मफरोशी के अनैतिक कारोबार को वर्ष 2023 में मीडिया द्वारा  प्रमुखता से उठाते हुए लगातार खबरे प्रकाशित किये जाने पर जिला प्रशासन ने खबरो को गंभीरता से लेते हुए देह व्यापार कारोबारियों पर नकेल कसने का अभियान शुरू किया था। कसया के उपजिलाधिकारी योगेश्वर सिंह व पुलिस क्षेत्राधिकारी कुंदन सिंह के नेतृत्व मे पुलिस ने जिस्मफरोशी के कारोबार के लिए खासे चर्चित चन्द्रलोक गेस्ट हाउस पर छापेमारी की थी इस दौरान रंगरलियां मना रहे तकरीबन दो दर्जन से अधिक युवक-युवतियां मौके पर धरे गये।  पुलिस ने  चंद्रलोक होटल के संचालक सहित पकडे गये युवक-युवतिया को  स्कूली बस मे बैठाकर थाने लेकर आयी और पुछताछ के बाद जहां सभी युवको को शान्ति भंग के आरोप में चलान कर दी थी वही युवतियों के घरवालों को थाने पर बुलाकर युवतियों के कृत्य से उनके अभिभावकों को अवगत कराते हुए कडी चेतावनी देकर उन्हें सुपुर्द कर  चन्द्रलोक गेस्ट हाउस  गेस्ट हाउस पर सरकारी ताला जड दिया जो लंबे समय तक बंद रहा। सूत्र बताते है कि बाद में गेस्ट हाउस संचालक ने मोटी रकम देकर मामले को मैनेज करके पूर्व के भांति संचालन शुरू कर दिया।

रिपोर्ट – संजय चाणक्य

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