बीसीआई के को-चेयरमैन की सदस्यता बहाली के लिए सेंट्रल बार ने दिया ज्ञापन

अधिवक्ताओं ने परिसर में निकाला जुलूस, नारेबाजी संग किया प्रदर्शन
वाराणसी।बार कौंसिल ऑफ इंडिया के को-चेयरमैन की सदस्यता रद्द करने का मामला ठंडा होने का नाम नहीं ले रहा है। अब इस मामले में सेंट्रल बार एसोसिशन भी आगे आ गया है। बीसीआई के पूर्व को-चेयरमैन के पक्ष में अपना समर्थन देने की घोषणा की है। इसी क्रम शुक्रवार को सेंट्रल बार एसोसिशन के अध्यक्ष मंगलेश दूबे,महामंत्री राजेश गुप्ता, वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता अनुज यादव, विवेक शंकर तिवारी के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ताओं ने कचहरी परिसर में जुलूस निकाला और जमकर नारेबाजी की। जुलूस पूरे कचहरी में भ्रमण करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा और सभा में तब्दील हो गया। जिलाधिकारी कार्यालय पर उपस्थित अधिवक्ताओं ने बीसीआई चेयरमैन और राज्यसभा सांसद मन्नन मिश्रा पर मनमानी करने का आरोप लगाया।

अधिवक्ताओं का कहना था कि एक मुखर प्रवक्ता और समाज के सजग प्रहरी ख्यात अधिवक्ता सदस्य बार काउन्सिल ऑफ उत्तर प्रदेश श्रीनाथ त्रिपाठी, एड० को एक षड़यंत्र के तहत सदस्य बार कौन्सिल ऑफ इण्डिया के पद से बार कौन्सिल ऑफ इण्डियां द्वारा हटा दिया गया है। इस षड्यंत्र में बार कौन्सिल ऑफ उत्तर प्रदेश और बार कौन्सिल ऑफ इण्डिया बराबर भागीदार है। अधिवक्ताओं ने कहा कि श्रीनाथ त्रिपाठी के विरूद्ध लगाये गये आरोप निराधार और दुर्भावनापूर्ण है तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन करने वाले है।
वहीं इस संबंध में सेंट्रल बार एसोसिशन के अध्यक्ष मंगलेश दूबे एवं महामंत्री राजेश गुप्ता, फौजदारी अधिवक्ता अनुज यादव, विवेक शंकर तिवारी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में उनके प्रतिनिधि को दिया। ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति से श्रीनाथ त्रिपाठी, एड० को पुनः उनके पूर्व पद सदस्य बार कौन्सिल ऑफ इण्डिया पर बहाल किये जाने की मांग की है। जिससे पूरे देश में अधिवक्ताओं का सम्मान व हित सुरक्षित हो सके। धरना-प्रदर्शन में प्रमुख रूप से सेंट्रल बार अध्यक्ष मंगलेश दूबे, महामंत्री राजेश गुप्ता, वरिष्ठ अधिवक्ता फौजदारी अनुज यादव, विवेक शंकर तिवारी, डीएन यादव, बृजेश मिश्रा, मयंक मिश्रा, अखिलेश यादव, संतोष त्रिपाठी, नवीन पाण्डेय, सुधीर कुमार सिंह, अरुण दूबे, प्रभु नारायण पाण्डेय, ध्रुव नारायण पाण्डेय, रोहित यादव, श्रीकांत प्रजापति समेत कई अधिवक्तागण शामिल रहे।
रिपोर्ट सुशील कुमार मिश्र




