बलिया: रोज की तरह जाम से कराहता रहा शहर, घंटों रेंगता रहा वाहन

किसी की छूटी ट्रेन तो एंबुलेंस में छटपटाता रहा मरीज
तिलक कुमार
बलिया। टीडी कालेज से चित्तू पांडेय चौराहा रेलवे क्रासिंग, बहेरी से कदम चौराहा, स्टेशन रोड से जिला चिकित्सालय रोड, जिधर भी जाओ सिर्फ जाम और जाम से ही बुधवार को राहगीरों को दो—चार होना पड़ा। घंटों तक एंबुलेंस फंसा रहा और जाम छुड़ाने में ट्रैफिक पुलिस भी हांफती नजर आई।
बुधवार के दिन शहर मुख्यालय पर जो भी आए सब यही सोच रहे थे कि आज मुख्यालय क्यों आ गए। कारण कि समूचा शहर जाम के जद में था। ट्रैफिक पुलिस भी जाम हटाने में हांफती नजर आई। आलम यह रहा कि डीएम बंगला की तरफ का जो रस्ता दिन में भी सुना—सुना रहता था, वह भी जाम से कराहता नजर आए। कुल मिलाकर चींटी पास होने की भी जगह नहीं थी। एंबुलेंस में पड़े मरीजों की जहां हालत खराब हुई। वहीं जो लोग जरूरी काम से मुख्यालय आए थे, उनका भी कामकाज प्रभावित हो गए। किसी की ट्रेन छूट गई तो कोई समय से कार्यालय नहीं पहुंच पाए।
जाम लगने की प्रमुख वजह
बलिया। माल्देपुर से कमद चौराहा तक जारी चौड़ीकरण के कार्यों के बीच कटहल नाला पुल का एक हिस्सा डैमेज हो जाने के कारण भारी वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है, वहीं कटहल नाला पुल का रास्ता संकीर्ण हो जाने के कारण जाम लग रहा है। उधर रोडवेज पर काम चलने के कारण अधिकांश रोडवेज की बसें भी सड़क पर खड़ी हो रही है, उपर से कटहल नाला पुल पर बसों का आवागमन बंद होने के कारण सब बसें गड़वार रोड से आ रही हैं। वहीं रही सही कसर हर मिनट में चित्तू पांडेय चौराहे पर रेलवे क्रासिंग बंद होना पूरी कर दे रहा है।
क्या बोले टीएसआई
बलिया। टीएसआई समद खान ने बताया कि रोडवेज के पास सड़क पर बसें खड़ी हो जाने के कारण समस्या और भी ज्यादा विकराल हो रही है। मेरी तरफ से एआरएम को पत्र लिखने के साथ सुझाव भी दिया गया है कि आप बसें महुआ मोड़ जहां कि खाली जमीन पड़ी है, वहां लगवाइए और वहीं से बारी—बारी छोड़िए। कहा कि कटहल नाला पुल के निर्माण में भी काफी विलंब किया जा रहा है। वहीं कुंभ मेले के कारण जवानों की संख्या में भी काफी कमी आई है। तमाम विषमताओं के बावजूद हम लोगों की पूरी कोशिश है शहर में जाम न लगे।




