गाजीपुर : भटकी युवती को वन स्टॉप सेंटर ने परिजनों से मिलाया

सुरक्षित किया सुपुर्द
गाजीपुर । मरदह थाना क्षेत्र में हाईवे पर भटकती मिली करीब 25 वर्षीय युवती को वन स्टॉप सेंटर यूनिट प्रथम की टीम के प्रयास से सुरक्षित उसके परिजनों तक पहुंचाया गया। वन स्टॉप सेंटर गाजीपुर यूनिट प्रथम की सेंटर मैनेजर प्रियंका प्रजापति ने बताया कि हिंसा अथवा संकट से प्रभावित महिलाओं को एक ही छत के नीचे उनकी आवश्यकता के अनुसार काउंसलिंग, शेल्टर, पुलिस सहायता, विधिक सहायता एवं चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
बताया गया कि 24 सितंबर 2026 की रात मरदह क्षेत्र में जांच के दौरान स्थानीय पुलिस पीआरवी को हाईवे पर करीब 25 वर्षीय युवती मिली। युवती अपना पता ठीक से नहीं बता पा रही थी और काफी डरी हुई थी। उसकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए थाना मरदह पुलिस द्वारा उसे सहायता एवं आश्रय के लिए गोराबाजार स्थित वन स्टॉप सेंटर यूनिट प्रथम लाया गया। रात्रि ड्यूटी पर तैनात केस वर्कर आरुषि सिंह एवं महिला आरक्षी वंदना ने युवती को शेल्टर में दाखिल कराया तथा उसे शांत कराया। अगले दिन युवती की स्थिति सामान्य होने पर काउंसलर अशरफ जहां द्वारा उसकी काउंसलिंग की गई। बातचीत के दौरान युवती अपने घर-पते के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रही थी। काउंसलर को बातचीत से यह भी प्रतीत हुआ कि युवती मानसिक रूप से कुछ अस्वस्थ हो सकती है।
काउंसलर द्वारा लगातार प्रयास करते हुए युवती द्वारा बताए गए फोन नंबर पर संपर्क किया गया। फोन पर युवती के पिता से बातचीत होने के बाद पता चला कि युवती सुल्तानपुर की रहने वाली है और भटकते हुए गाजीपुर पहुंच गई थी। वन स्टॉप सेंटर द्वारा परिजनों को इसकी सूचना दी गई और उन्हें गाजीपुर बुलाया गया। परिजनों के पहुंचने के बाद आवश्यक जानकारी एवं सत्यापन की कार्रवाई करते हुए युवती को सुरक्षित उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया। सेंटर की ओर से परिजनों को युवती की उचित देखभाल एवं आवश्यक चिकित्सकीय उपचार कराने की हिदायत भी दी गई। वन स्टॉप सेंटर की इस पहल से भटककर गाजीपुर पहुंची युवती को न केवल सुरक्षित आश्रय मिला, बल्कि काउंसलिंग और प्रयासों के जरिए उसे उसके परिवार से भी मिलाया जा सका।
जिला संवाददाता विवेकानंद राय
गाज़ीपुर



