गाजीपुर : राधाष्टमी के पावन पर्व पर मना हथियाराम पीठाधीश्वर का आविर्भाव दिवस

संत परम्परा के साथ राष्ट्र परम्परा के संवाहक हैं महाराज श्री
डॉ एके राय ,गाजीपुर। प्रसिद्ध सिद्धपीठ हथियाराम मठ के 26वें पीठाधिपति व जूना अखाड़ा के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी श्री भवानीनन्दन यति जी महाराज का प्राकट्योत्सव (आविर्भाव दिवस) भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की राधाष्टमी पर शनिवार को विशिष्ठ जनों, श्रद्धालुओं व भक्तजनों की गरिमामयी उपस्थिति में भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। समारोह में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आये अतिविशिष्ट, विशिष्ठ अतिथियों, विशिष्ठ संत महात्माओं, बुद्धिजीवियों, प्रशासनिक अधिकारियों सहित हजारों की संख्या में उपस्थित शिष्य श्रद्धालुओं ने महराजश्री का चरणवन्दन कर आशिर्वाद लिया तथा उनके दीर्घायु होने की कामना की। समारोह में जयपुर राजस्थान से आयी गायिका आकांक्षा राव तथा आर्यन ने अपने सुमधुर गीतों और भजन के माध्यम से गुरु व ईश वन्दना कर महाराज श्री का आशीर्वाद प्राप्त किया। इससे पूर्व समारोह का शुभारम्भ वैदिक ब्राह्मणों द्वारा गुरु पूजन, स्वस्तिवाचन व मंगलाचरण से हुआ, वहीं शिष्य-श्रद्धालु जनों ने गुरू पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
आनंद कुमार त्यागी कुलपति महात्मा गांधी वाराणसी, रमेश जी प्रचारक गोरक्ष प्रांत, महामंडलेश्वर कौशलेंद्र गिरी रसड़ा, काशीनरेश की पुत्री डा कृष्ण प्रिया व ज्योतिषाचार्य राजपुरोहित झां जी, कमिश्नर आजमगढ़ विवेक मिश्र, प्रभारी जिला जज अंकित बरनवाल, डीएम गाज़ीपुर अनुपम शुक्ला ,एसपी गाज़ीपुर डा ईरज राजा, सीडीओ गाज़ीपुर,अपर पुलिस अधीक्षक गोरखपुर ज्ञानेंद्र जी, जेआरएस कोचिंग वाराणसी के विजय नारायण राय, संतुष्टि हास्पिटल वाराणसी के डा. सजय गर्ग, आर एस एस व भाजपा के वरिष्ठजनों ने अपने वक्तव्य में महाराष्ट्र श्री के विचारों को आत्मसात करने और उनके बताए मार्ग पर चल कर सनातन व राष्ट्र की उन्नति में काम करने का आह्वान किया और महाराज श्री को जन्मदिन की बधाई दी। वक्ताओं ने कहा कि महाराज श्री संत परम्परा के साथ ही साथ राष्ट्र परम्परा के संवाहक हैं। गुरु महिमा का वर्णन करते हुए कहा गया कि बिना गुरु ज्ञान प्राप्ति संभव नहीं है। गुरु साक्षात ब्रह्म हैं जो आध्यात्मिक चेतना जगाकर भक्तों को सही मार्ग दिखाते हैं। भगवान के अवतार श्रीराम और श्रीकृष्ण को भी ज्ञान के लिए गुरु के पास जाना पड़ा। गुरु महिमा से ही व्यक्ति इस भवसागर को पार करता है। पीठाधीश्वर स्वामी भवानीनन्दन यति ने अपने आशिर्वचन में कहा कि जन्मोत्सव तो मात्र निमित्त है, श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान उनके जीवन का सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि सिद्धपीठ की कठोर परंपरा का तीस वर्षों से निर्वहन करते हुए सदैव मठ और श्रद्धालुओं भक्तों के उत्थान में लग हूं और अखण्ड भारत की कल्पना को साकार और वन्देमातरम को हर मुख से सुनने की कामना करता हूं। इस अवसर पर भक्ति गीतों की मनमोहक प्रस्तुति तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों में आए संगीतज्ञों ने भी अपनी प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में आर एस एस ल भाजपा के वरिष्ठ नेता गण, अरुण सिंह, भानू प्रताप सिंह, विजय यादव, विपिन सिंह, क्षेत्राधिकारी भुड़कड़ा, निरीक्षक कोतवाली भुड़कुड़ा सहित काफी संख्या में गणमान्य जन व श्रद्धालु भक्त जन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉक्टर सानंद सिंह ने किया।




