आजमगढ़ : ग्रामीण चिकित्सक सहायतार्थ संघ का स्थापना दिवस

गोविंद लाल शर्मा/आज़मगढ़। जनपद आजमगढ़ के गंभीरपुर बाजार में ग्रामीण चिकित्सक सहायतार्थ संघ के सहयोग दिवस के अवसर पर एक भव्य निःशुल्क मेडिकल शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में जरूरतमंद मरीजों ने पहुंचकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से निःशुल्क परामर्श प्राप्त किया। इस अवसर पर 350 से अधिक मरीजों की निःशुल्क जाँच एवं निःशुल्क दवा वितरण कार्य भी किया गया। शिविर में आज़मगढ़ जिले के वरिष्ठ चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। इनमें डॉ. विनय चौहान (कार्डियोलॉजिस्ट), डॉ. हृदय चौहान (बाल रोग विशेषज्ञ), डॉ. अजीत कुमार एमडी (मेडिसिन), डॉ. बी.के. चौहान (ऑर्थो सर्जन) तथा जौनपुर जिले की वरिष्ठ महिला चिकित्सक डॉ. विजयलक्ष्मी पटेल (स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ) प्रमुख रूप से शामिल रहीं कार्यक्रम में ग्रामीण चिकित्सक सहायतार्थ संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. शादाब अहमद, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. ज्ञानचंद, प्रदेश सचिव डॉ. आर.बी. रंजन, प्रदेश कोषाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार, प्रदेश उपकोषाध्यक्ष डॉ. कैलाश मौर्या, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मनोज यादव, प्रदेश संरक्षक डॉ. C.B. सरोज सहित डॉ. ओ. पी. सरोज मेहनगर, डॉ. जफर अब्बास, डॉ. पवन पाठक, डॉ. शिवकुमार, डॉ. राजीव, डॉ. धर्मेंद्र (सत्यम पैथ लैब), डॉ. देवव्रत मंडल, डॉ. संदीप गोठाव, डॉ. संदीप मेहनगर, डॉ. मनोज विश्वकर्मा, डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. राधेश्याम चौहान, डॉ. रामनिवास, डॉ. रंजीत एवं अमर कुमार (PRO), संघ के कानूनी सलाहकार एडवोकेट एम. एम. फारूकी उपस्थित रहे।
इसी क्रम में जौनपुर जिले से जिलाध्यक्ष देवेन्द्र कुमार अम्बेडकर, जिला सचिव डॉ. रामभुवन गौतम, जिलाउपाध्यक्ष डॉ. पवन कुमार गौतम, डॉ. रामपलट (ब्लॉक अध्यक्ष, सोंधी), डॉ. अनिल कुमार (मीडिया प्रभारी, जौनपुर) सहित अन्य पदाधिकारी एवं ग्रामीण चिकित्सक उपस्थित रहे।
संघ की ओर से स्थापना दिवस / सहयोग दिवस के अवसर पर शिविर में उपस्थित सभी वरिष्ठ चिकित्सकों, संघ के पदाधिकारियों, ग्रामीण चिकित्सक साथियों तथा निःशुल्क मेडिकल शिविर में पहुंचे सभी मरीजों के प्रति हार्दिक आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया गया। संघ ने कहा कि मरीजों द्वारा इस शिविर में पहुंचकर संघ को सेवा करने का अवसर प्रदान करना उसके लिए अत्यंत गौरव एवं संतोष का विषय है ग्रामीण चिकित्सक सहायतार्थ संघ ने संकल्प व्यक्त किया कि भविष्य में भी असहाय, जरूरतमंद एवं आर्थिक रूप से कमजोर लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए इस प्रकार के निःशुल्क एवं निःस्वार्थ सेवा कार्यक्रमों का निरंतर आयोजन किया जाता रहेगा।



