एफआईआर दर्ज कराकर ही धरने से उठे राहुल गांधी
अचानक राहुल गांधी पीड़ित छात्र और उसकी मां के साथ पहुंचे थे थाने, धरने की खबर लगते ही प्रियंका समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ कार्यकर्ताओं का हुजूम पहुंचा, राहुल बोले, न्याय की तरफ पहला कदम, एक बार फिर अमित शाह पर भारी पड़े नेता प्रतिपक्ष
कानपुर/नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने पूरी मोदी सरकार को पानी पिला दिया है। वह पहले से ही छात्रों की गूंज के जरिये अलग-अलग प्रदेशों में कार्यक्रम कर रहे हैं। जंतर-मंतर पर पैलट गन के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के जवाब न देने पर संसद नहीं चलने दी। शुक्रवार को वह अचानक पैलट गन की वजह से अपनी एक आंख गंवा चुके साहिल लोचब और उसकी मां के साथ पहले तहरीर लेकर एफआईआर दर्ज कराने संसद मार्ग थाने पहुंचे। वहां से बताया गया कि डीसीपी कार्यालय में एफआईआर दर्ज होगी। इसके बाद वह वहां पहुंच गए। एफआईआर दर्ज करने में आना-कानी करने पर वह बाहर ही धरने पर बैठ गए। इसके बाद सांसद प्रियंका गांधी समेत वरिष्ठ कांग्रेसजन और कार्यकर्ता पहुंच गए। सात घंटे तक धऱने पर बैठने के बाद पुलिस को अज्ञात में साहिल की एफआईआर दर्ज करनी पड़ी। इस तरह से राहुल गांधी ने एक बार फिर गृह मंत्री अमित शाह को मात दे दी। धरने के दौरान कांग्रेसियों ने मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
नीट पेपर लीक होने से पहले से ही देशभर के छात्रों के मुद्दों को लेकर राहुल गांधी ने छात्रों की गूंज कार्यक्रम शुरू किया था। वह अब तक कई कार्यक्रम कर चुके हैं। शनिवार को उनका कार्यक्रम पूणे में हैं। छात्रों के मुद्दे पर ही सीजेपी ने जंतर-मंतर पर धरना दिया। इसके बाद संसद मार्च के दौरान 20 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने अपनी बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। छात्र-छात्राओं पर लाठियां, वॉटर कैनन के साथ पैलट गन का भी इस्तेमाल किया। पैलट गन की वजह से कई छात्र घायल हुए। इसमें साहिल लोचब भी एक हैं। उनके शरीर से कई पैलट गन के छर्रे निकले हैं। एक आंख में छर्रे लगने से रोशनी चली गई। गत दिनों इन छात्रों के साथ राहुल गांधी ने प्रेस कांफ्रेंस भी की थी। इसके बाद उन्होंने एफआईआर दर्ज करने की मांग की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। शुक्रवार को वह सीधे पीड़ित छात्र और उसकी मां के साथ तहरीर लेकर थाने पहुंच गए। थाने में उन्होंने दरोगा से एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा तो उसने कहा कि डीसीपी कार्यालय में जाना होगा। वह वहां से डीसीपी कार्यालय पहुंचे तो बताया गया कि ‘ऊपर’ से अभी एफआईआर दर्ज करने का आदेश नहीं आया है। इस पर वह कहने लगे कि एफआईआर दर्ज कराकर ही लौटेंगे। इसके लिए चाहे कितने दिन भी धरने पर बैठना पड़े। इसके बाद वह बाहर कुर्सी पर धरने पर बैठ गए। नेता प्रतिपक्ष के धरने पर बैठने की खबर फैलते ही सांसद प्रियंका गांधी, सांसद कुमारी शैलजा, पूर्व सांसद अधीर रंजन चौधरी समेत तमाम वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता पहुंच गए। सात घंटे के बाद पुलिस ने साहिल की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर कापी दे दी। इसके बाद वह धरने से उठे।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया में फोटो शेयर करते हुए लिखा कि साहिल की एफआईआर दर्ज हुई। यह न्याय की तरफ पहला कदम है। पर सोचिए-एक एफआईआर लिखने की इजाजत तक गृह मंत्रालय से आनी पड़ी। अब समझ में आया कि न्याय पर लगाम किसने लगा रखा है।

साहिल-और-उसकी-मां-के-साथ-धरने-पर-राहुल।
राहुल गांधी के साथ अब विपक्ष भी जान गया है कि बिना सड़क पर आए कुछ नहीं होने वाला। भ्रष्टाचार और सरकार के दबाव की वजह से कोई भी आगे आने की हिम्मत नहीं कर रहा है लेकिन जंतर-मंतर के बाद से हालात बदले हैं।
भाजपा को इसीलिए राहुल गांधी के खिलाफ अपने पूर्व मंत्री रविशंकर प्रसाद को उतारना पड़ा। वह कहते रहे कि मामला कोर्ट में चल रहा है। इसलिए एफआईआर दर्ज नहीं हो सकती है। राहुल गांधी अराजकता फैला रहे हैं। पहले बिना अनुमति के पीएम आवास के सामने धरने पर बैठे और डीसीपी कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए हैं।
उधर, एक दुखद समाचार महाराष्ट्र से आया। वहां पर एक और नीट छात्र ने आत्महत्या कर ली। छत्रपति संभाजीनगर निवासी सूरज सुभाष शिंदे ने जान दे दी। उसने जान देने से पहले एक नोट में लिखा कि माफ करना मम्मी-पापा, अलगे जनम में आपके लिए पक्का डॉक्टर बनूंगा, अपना ख्याल रखिए और खुश रहिए।




