Slide 1
Slide 1
क्राइम

आजमगढ़ : मोहर्रम विवाद: झंडा-लाउडस्पीकर हटाने पर हुई मारपीट, 6 महिलाएं गिरफ्तार

अरुण सिंह / आजमगढ़। मोहर्रम के पावन अवसर पर शांति भंग करने वाली घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। थाना दीदारगंज क्षेत्र के फुलेश गांव में सार्वजनिक मार्ग पर लगाए गए झंडे और लाउडस्पीकर को हटाने के मुद्दे पर दो पक्षों में तीखी झड़प हो गई। लोहे की रॉड, पत्थरों से हमला, मोटरसाइकिल व मकान में तोड़फोड़ और जान से मारने की खुली धमकी… इस हिंसक घटना में थाना दीदारगंज पुलिस ने मात्र 24 घंटे के अंदर त्वरित कार्रवाई करते हुए छह महिला अभियुक्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है। घटना 18 जून 2026 की है। वादी जिलाजीत सेठ पुत्र शीलचंद सेठ, जो मूल रूप से जौनपुर के खेतासराय गांव के निवासी हैं और फिलहाल फुलेश गांव में रह रहे हैं, ने थाने में लिखित तहरीर दी। उनके अनुसार, मोहर्रम के दौरान सार्वजनिक रास्ते पर लगे झंडे और लाउडस्पीकर हटाने की बात कहने पर विपक्षी पक्ष के लोग एकजुट होकर उन पर टूट पड़े। हमलावरों ने लोहे की रॉड और पत्थरों से उन पर और उनके परिवार पर जानलेवा हमला किया। वादी की मोटरसाइकिल को क्षतिग्रस्त कर दिया गया और मकान में भी तोड़फोड़ की गई। साथ ही उन्हें जान से मारने की धमकियां दी गईं। इस तहरीर के आधार पर थाना दीदारगंज में मुकदमा नंबर 117/2026 दर्ज किया गय। नामजद अभियुक्तों में अल्ताफ, सेराज, अबरार, मो. कैश, तरीकुलनिशा, रेहाना, रिजवाना, अंजुम, तबस्सुम, सरीफुनीशा व अन्य अज्ञात व्यक्ति शामिल हैं।घटना के मात्र एक दिन बाद, 19 जून 2026 को थाना दीदारगंज की पुलिस टीम ने फुलेश बाजार तिराहे से छह महिला अभियुक्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। सभी महिलाएं फुलेश गांव की निवासी हैं। गिरफ्तारी की अगुवाई उपनिरीक्षक अनिल कुमार सिंह ने की। उनके साथ रिकॉर्ड क्लर्क रवि वर्मा, महिला कांस्टेबल पल्लवी वर्मा और महिला आरक्षी अंजिला निषाद मौजूद थीं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बाकी अभियुक्तों की तलाश जारी है और आगे की विधिक कार्रवाई चल रही है। इस घटना ने पूरे दीदारगंज क्षेत्र में तनाव पैदा कर दिया है। मोहर्रम जैसे संवेदनशील धार्मिक पर्व के दौरान ऐसी घटनाएं साम्प्रदायिक सौहार्द को चोट पहुंचाती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटी-सी बात को लेकर इतनी हिंसा हुई, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रशासन ने दोनों पक्षों को शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस अधीक्षक ने इस मामले में सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा, “कोई भी व्यक्ति कानून हाथ में लेने का साहस न करे। दीदारगंज पुलिस किसी भी अपराध को बर्दाश्त नहीं करेगी।घटना में शामिल महिलाओं की गिरफ्तारी ने इलाके में चर्चा का विषय बना दिया है। कुछ लोग इसे पुलिस की सख्ती मान रहे हैं, तो कुछ इसे परिवारों में बिगड़ते रिश्तों का परिणाम बता रहे हैं। वर्तमान में गिरफ्तार महिलाओं को कोर्ट में पेश किया जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की गहन छानबीन कर रही है। इस घटना से सबक लेते हुए प्रशासन को धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।दीदारगंज पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने कानून व्यवस्था में विश्वास जगाया है। मोहर्रम का पर्व शांति और भाईचारे का प्रतीक है। उम्मीद की जाती है कि दोनों पक्ष संवाद के माध्यम से विवाद का समाधान निकालेंगे और इलाके में फिर से सामान्य स्थिति बहाल होगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button