स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब से बदलेगी परिषदीय स्कूलों की पढ़ाई की तस्वीर

30 अगस्त तक प्रदेशभर में पूरा होगा चरणबद्ध शिक्षक प्रशिक्षण अभियान, 50 शिक्षकों का बनेगा एक बैच
लखनऊ । योगी सरकार परिषदीय विद्यालयों में स्थापित स्मार्ट क्लास,आईसीटी लैब और डिजिटल शिक्षण संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे, जो शिक्षकों को तकनीक आधारित शिक्षण का व्यावहारिक प्रशिक्षण देंगे। इसका उद्देश्य कक्षा शिक्षण को अधिक रोचक, सहभागितापूर्ण और गुणवत्तापूर्ण बनाना है।
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य केवल विद्यालयों में स्मार्ट क्लास स्थापित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक शिक्षक को डिजिटल शिक्षण में दक्ष बनाना है। जब शिक्षक तकनीक का प्रभावी उपयोग करेंगे, तभी विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण, रोचक और सहभागितापूर्ण शिक्षा पहुंचेगी। यह प्रशिक्षण अभियान राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप डिजिटल शिक्षा को विद्यालयों की नियमित शिक्षण प्रक्रिया का मजबूत आधार बनाएगा। महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने इस संबंध में सभी जिलों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रत्येक विकासखंड से एक शिक्षक को संदर्भदाता (मास्टर ट्रेनर) के रूप में नामित किया गया है। इनका राज्य स्तरीय प्रशिक्षण दो चरणों में 27 से 29 जुलाई तथा 4 से 6 अगस्त तक संपन्न हुआ। अब यही मास्टर ट्रेनर अपने-अपने विकासखंडों में शिक्षकों को दो दिवसीय प्रशिक्षण देंगे। प्रत्येक बैच में अधिकतम 50 प्रतिभागी होंगे। प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्री-टेस्ट और पोस्ट-टेस्ट, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और एस्केलेशन मैट्रिक्स की व्यवस्था की गई है। तकनीकी समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए विद्या समीक्षा केंद्र और सेवा प्रदाताओं के संपर्क विवरण उपलब्ध कराए गए हैं। सभी जनपदों को 30 अगस्त 2026 तक ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, डायट, खंड शिक्षा अधिकारी और जिला समन्वयकों को नियमित निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।




