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आजमगढ़

आजमगढ़ : एक्शन मोड में ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा, विद्युत शिविर में सुनी उपभोक्ताओं की समस्याएं

आजमगढ़। संकट के समय फ्रंट पर रहकर चुनौती से लड़ना ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा की सबसे बड़ी पहचान बन चुकी है। इसी क्रम में आज ऊर्जा मंत्री ने आज़मगढ़ जिले के सठियांव गाँव में आयोजित मेगा विद्युत शिविर का उद्घाटन किया और उपभोक्ताओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना। ऊर्जा विभाग द्वारा ‘सरकार आपके साथ’ की भावना के तहत ‘विद्युत सेवा और समाधान अभियान’ चलाया जा रहा है, जो 30 जून 2026 तक जारी रहेगा। इस अभियान के माध्यम से विद्युत आपूर्ति, स्मार्ट मीटर, बिलिंग, नया कनेक्शन, नाम अथवा मोबाइल नंबर अपडेट सहित बिजली से जुड़ी हर समस्या का त्वरित समाधान किया जा रहा है। यह शिविर अधिशासी अभियंता, एसडीओ/सहायक अभियंता कार्यालयों एवं क्षेत्रीय स्तर पर विभिन्न स्थानों पर आयोजित किए जा रहे हैं। ऊर्जा मंत्री ने जनता से अपील की कि अधिक से अधिक लोग इन शिविरों का लाभ लें और अपनी समस्याओं का समाधान कराएं। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इस समय प्रचंड गर्मी के कारण बिजली की मांग अप्रत्याशित रूप से बढ़ी है। उन्होंने बताया कि बीती शाम उत्तर प्रदेश की पीक डिमांड 30458 मेगावाट रही, जिसे सफलतापूर्वक पूरा किया गया। आज सुबह 03:19 बजे प्रदेश में 30276 मेगावाट की उच्चतम मांग की आपूर्ति की गई तथा दोपहर 14:30 बजे तक पीक डिमांड 30357 मेगावाट दर्ज की गई, जिसके शाम तक और बढ़ने की संभावना है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में जनता को असुविधा न हो, इसके लिए पूरी ऊर्जा व्यवस्था लगातार कार्य कर रही है और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। बिजली व्यवस्था को लेकर विपक्ष द्वारा की जा रही राजनीति पर प्रतिक्रिया देते हुए ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने कहा कि आज हमारी प्रतिस्पर्धा किसी अन्य से नहीं, बल्कि स्वयं अपने कार्यों से है। हम हर दिन जनता को पहले से बेहतर सेवा देना चाहते हैं। उपभोक्ता हमारे लिए देवतुल्य हैं और उनकी छोटी से छोटी परेशानी भी हमें स्वीकार नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2012-17 में प्रदेश की औसत पीक डिमांड लगभग 13000 मेगावाट थी, जबकि पिछले तीन वर्षों में यह बढ़कर लगभग 30000 मेगावाट तक पहुंच गई है। आज उत्तर प्रदेश लगातार चार वर्षों से देश में सर्वाधिक पीक विद्युत आपूर्ति करने वाला प्रदेश बना हुआ है।ऊर्जा मंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 की तुलना में आज प्रदेश में लगभग दोगुने से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली उपलब्ध कराई जा रही है और वर्तमान में प्रदेश में 3 करोड़ 70 लाख से अधिक उपभोक्ता हैं। वर्षों से उपेक्षित लगभग 1.70 लाख मजरों का विद्युतीकरण कराया गया है तथा ग्रामीण विद्युतीकरण एवं नगरीय स्ट्रीट लाइट कार्यक्रम ने प्रदेश की तस्वीर बदल दी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में प्रदेश का अधिकतम तापीय विद्युत उत्पादन 5160 मेगावाट था, जो आज बढ़कर 9120 मेगावाट हो गया है। सरकार इसे और बढ़ाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। मेजा में 3×800 मेगावाट तथा मिर्जापुर में 2×800 मेगावाट की नई तापीय ऊर्जा परियोजनाओं को मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिल चुकी है।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन व्यवस्था में भी ऐतिहासिक सुधार हुए हैं। बड़े उपकेंद्रों की क्षमता, जर्जर तारों के बदलाव, खंभों के प्रतिस्थापन और विद्युत नेटवर्क के विस्तार के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुआ है। आज प्रदेश के हर गांव, हर नगर, हर दुकान और हर प्रतिष्ठान तक बिजली पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बिजली आम जनजीवन की मूलभूत आवश्यकता बन चुकी है। मोबाइल, अस्पताल, उद्योग, व्यापार और घरेलू जीवन—सभी बिजली पर निर्भर हैं। इसलिए सरकार देश ही नहीं बल्कि दुनिया की सर्वश्रेष्ठ विद्युत व्यवस्था विकसित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। अंत में ऊर्जा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में बिजली उत्पादन, आपूर्ति और आधारभूत संरचना तीनों क्षेत्रों में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है और उपभोक्ताओं को और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।

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