Slide 1
Slide 1
न्यूयॉर्कब्रेकिंग न्यूज़राजनीतिविदेश

International News भारत ने यूएन में कहा

इस्लामोफोबिया की कहानियां गढ़ने में माहिर हमारा ‘पड़ोसी’

न्यूयॉर्क। भारत ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र के मंच पर दोहरा रवैया अपनाने के लिए पाकिस्तान को खरी-खोटी सुनाई है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र की एक बैठक के दौरान पाकिस्तान की ओर से फर्जी प्रोपेगैंडा चलाने पर कहा कि हमारा ‘पश्चिमी पड़ोसी’ अपनी धार्मिक पहचान को हथियार के रूप में इस्तेमाल करता है और अपने संकीर्ण राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए संयुक्त राष्ट्र के मंच का गलत इस्तेमाल करता रहता है।‌ न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पी. हरीश ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में ‘इस्लामोफोबिया से निपटने के अंतर्राष्ट्रीय दिवस’ के अवसर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए यह बात कही। हरीश ने कहा कि पाकिस्तान में अहमदिया समुदाय और बेबस अफगानों पर अत्याचार हो रहे हैं और वह इस्लामोफोबिया की झूठी कहानियां गढ़ने में व्यस्त है।

भारतीय राजनयिक ने कहा भारत एक ऐसा देश है, जहां दुनिया के लगभग सभी प्रमुख धर्मों को मानने वाले लोग शांतिपूर्वक सह-अस्तित्व में रहते हैं। साथ ही, हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म, जैन धर्म और सिख धर्म जैसे चार प्रमुख धर्मों की उत्पत्ति भी भारत में ही हुई है। ऐसे में भारत किसी भी अन्य देश की तुलना में धार्मिक भेदभाव से मुक्त दुनिया की जरूरत को ज्यादा बेहतर समझता है। उन्होंने कहा यूएन की परिकल्पना एक ऐसे संस्थान के रूप में की गई थी, जो धर्म, संस्कृति और राजनीति से ऊपर उठकर काम करे। इसलिए हम ऐसे किसी भी ढांचे को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत पर जोर देते हैं, जो केवल एक धर्म पर ध्यान दे और धार्मिक भय (रिलिजियोफोबिया) की व्यापक समस्या पर ध्यान न दे। यूएन को धार्मिक पहचान को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने और संकीर्ण राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए उसका गलत इस्तेमाल किए जाने के प्रति आगाह रहना चाहिए और इन खतरों की बढ़ती प्रवृत्ति पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।

हरीश ने कहा भारत का पश्चिमी पड़ोसी अपने आसपास के क्षेत्र में इस्लामोफोबिया की काल्पनिक कहानियां गढ़ने में माहिर है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि उस देश में अहमदिया समुदाय के खिलाफ क्रूर दमन को क्या कहा जाएगा, या बेबस अफगानों की बड़े पैमाने पर जबरन वापसी को किस रूप में देखा जाएगा, या फिर पवित्र रमजान के महीने के दौरान किए गए हवाई हमलों को क्या नाम दिया जाएगा? वहीं दूसरी ओर भारत ने 16 मार्च की रात काबुल में ‘उम्मीद एडिक्शन ट्रीटमेंट हॉस्पिटल’ पर पाकिस्तान के बर्बर हवाई हमले की कड़ी निंदा की है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि पाकिस्तान की आक्रामकता का यह घिनौना कृत्य अफगानिस्तान की संप्रभुता पर एक खुला हमला है और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता के लिए सीधा खतरा है।

(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button