नोडल शिक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

चन्दौली। सदर ब्लॉक संसाधन केंद्र सभागार में आउट ऑफ स्कूल बच्चों के विशेष प्रशिक्षण के लिए नोडल शिक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण बुधवार को प्रारंभ हुआ। इसका शुभारंभ खण्ड शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार चतुर्वेदी ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर किया। प्रशिक्षण के प्रथम दिन नोडल शिक्षकों को ऐसे बच्चों की पहचान करने, उनका सर्वेक्षण कराने और उन्हें पुनः विद्यालय की मुख्यधारा से जोड़ने के तरीकों की विस्तार से जानकारी दी गई।
इस दौरान बीईओ ने कहा कि किसी भी बच्चे को शिक्षा से वंचित नहीं रहने देना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने नोडल शिक्षकों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्र में आउट ऑफ स्कूल बच्चों का सही चिन्हांकन कर उन्हें विद्यालय से जोड़ने का कार्य गंभीरता से करें।
एआरपी वंदना वर्मा ने प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को हिंदी भाषा सिखाने के लिए बोलना, सुनना, पहचानना और पढ़ने-लिखने की प्रारंभिक दक्षताओं के बारे में जानकारी दी। साथ ही शिक्षण प्रक्रिया को रोचक बनाने के लिए गतिविधि आधारित पद्धतियों पर भी चर्चा की गई। एआरपी प्रितेश उपाध्याय ने कहा कि ऐसे बच्चों को पढ़ाते समय धैर्य, प्रेरणा और विशेष शिक्षण तकनीकों का उपयोग करने की आवश्यक होता है, जिससे वे आसानी से सीख सकें और विद्यालयी वातावरण में स्वयं को सहज महसूस करें। इसके अतिरिक्त पर्यावरणीय अध्ययन की आवश्यकता और उसके माध्यम से बच्चों में जागरूकता बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श किया गया। तीन दिवसीय प्रशिक्षण में शिक्षकों को विभिन्न विषयों पर व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी, जिससे आउट ऑफ स्कूल बच्चों को प्रभावी ढंग से शिक्षा की मुख्यधारा में जोड़ा जा सके। इस मौके पर एआरपी हरगोविंद सिंह, राजकुमार त्रिपाठी, ईरा सिंह, सुनीता गौतम, प्रिया रघुवंशी, कृष्णानन्द जायसवाल, रामसिंह, संदीप दूबे, काम्या द्विवेदी, प्रीति कुशवाहा, गुरुचरण, हेमंत केशरी आदि मौजूद रहे।



