
सतीश कुमार पांडेय/ मऊ। घोसी तहसील क्षेत्र के अमिला गांव निवासी प्रेमदान पुत्र स्व. सत्यदेव ने जिलाधिकारी से शिकायत कर राजस्व विभाग के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में कहा गया है कि ऑनलाइन वरासत आवेदन के बावजूद लेखपाल ने जानबूझकर गलत कार्रवाई कर प्रार्थी के अधिकारों को प्रभावित किया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उसने 23 सितंबर 2025 को वरासत दर्ज कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। इस पर राजस्व निरीक्षक द्वारा मामले को विवादित दर्शाते हुए तहसीलदार न्यायालय में वाद पंजीकृत करा दिया गया। वहीं, प्रार्थी के भाई ने 3 जनवरी 2026 को वरासत के लिए ऑनलाइन आवेदन किया, जिसे अविवादित मानते हुए सीधे दर्ज कर लिया गया। शिकायत में आरोप है कि इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप स्व. सत्यदेव के नाम दर्ज 8 गाटा संख्या की भूमि में अब प्रार्थी का स्वामित्व दर्ज नहीं है। प्रार्थी का कहना है कि अन्य वारिसों ने भूमि पर कब्जा कर लिया है और जमीन की रजिस्ट्री-बैनामा करने की धमकी दी जा रही है। मौके पर नए निर्माण कार्य शुरू होने की भी बात कही गई है। प्रेमदान ने जिलाधिकारी से दोषी लेखपाल के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा न्याय दिलाने की मांग की है। मामले ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।



