आजमगढ़: ग्राम प्रधान फरहत निलंबित, 11.82 लाख की अनियमितता

गोविन्द लाल शर्मा
आजमगढ़। जिला प्रशासन ने भ्रष्टाचार के आरोपों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत बड़हरिया (विकास खंड मिर्जापुर) की महिला प्रधान फरहत को निलंबित कर दिया है। जांच में टेंडर प्रक्रिया से लेकर भुगतान तक में गंभीर वित्तीय अनियमितताएँ साबित हुईं। डीएम ने प्रधान को वित्तीय एवं प्रशासनिक शक्तियों से तत्काल प्रभाव से विरत करते हुए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी आजमगढ़ को अंतिम जांच अधिकारी नामित किया है।
जांच में बड़े खुलासे जांच रिपोर्ट के अनुसार ग्राम पंचायत के कार्यों में स्ट्रीट लाइट, हैंडपंप रिबोर और सीमेंट बेंच निर्माण में नियमों की खुली अनदेखी की गई।
स्ट्रीट लाइट घोटाला: 75 स्ट्रीट लाइटों का टेंडर बिना स्वीकृति के 16 जून 2021 को खोला गया, जबकि स्वीकृति 9 जनवरी 2022 को मिली। एम/एस माई कंस्ट्रक्शन नामक फर्म को ₹2,94,000 का भुगतान किया गया, जिससे सरकार को ₹44,286.75 का नुकसान हुआ। मौके पर हरिजन बस्ती में 13 की जगह 6 और यादव बस्ती में 24 की जगह 12 लाइटें ही लगाई गईं। हैंडपंप रिबोर में गड़बड़ी: कार्य स्वीकृति से पहले ही कोटेशन लिए गए। ₹66,096 की अनियमितता दर्ज हुई। सीमेंट बेंच टेंडर फर्जीवाड़ा: टेंडर 16 जून 2021 को खोला गया, जबकि स्वीकृति 20 अगस्त 2021 को मिली। ₹1,95,000 की गड़बड़ी पाई गई। सभी कार्यों में एक ही फर्म को ₹11.82 लाख के टेंडर दिए गए, जो निविदा नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।




