वन विभाग के अधिकारियों ने जान पर खेल पकड़ी बाघिन

टाइगर रिजर्व से भटक कर पहुंची थी ग्रामीण इलाके में
पीलीभीत। दस पंद्रह दिंनो की कड़ी मेहनत के बाद रेस्क्यू कर पकड़ी गई बाघिन को पकड़ने के लिए लगातार रेस्क्यू 10.15 दिनों से चल रहा था। डीएफओ मनीष सिंह ने मीडिया को बताया कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व 37 किलोमीटर एरिया में है। जिसकी सीमा नेपाल और लखीमपुर जिले में लगती है। इसी पीलीभीत टाइगर रिजर्व से एक बाघिन भटक कर ग्रामीण इलाके में जा पहुंची। जो बीते दिन ब्लाक अमरिया क्षेत्र के एक गांव में वन विभाग द्वारा काफी मेहनत व मशक्कत कर रेस्क्यू करके बाघिन को पकड़ लिया गया है। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया की बाघिन आदमखोर नहीं हुई थी। बाघिन से यह घटना अनजाने में हुई है। बाघिन को देखकर ग्रामीण उसका बार-बार पीछा कर रहे थे और हल्ला शोर कर रहे थे। जिससे वह काफी परेशान बा भयभीत हो गई थी अथवा बाघिन अपना बचाव करते समय उससे घटना हुई है। फिर भी घटना के दौरान बाघिन ने किसी भी मनुष्य का मांस नहीं खाया है। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि वर्तमान में सरकारी आंकड़ों में टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या 82 है और इस रेस्क्यू की गई बाघिन का इलाज चल रहा है और इलाज पूरा हो जाने पर उसको कानपुर के जंगल में छोड़ दिया जाएगा




