देवरिया:जनपद में दो माह तक प्रभावी रहेगी निषेधाज्ञा

असगर अली
देवरिया। अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) जैनेन्द्र सिंह ने बताया कि विभिन्न त्योहारों तथा आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु पूर्व में जारी निषेधाज्ञा की अवधि बढ़ा दी गई है। उन्होंने बताया कि पूर्व आदेश दिनांक 10 अक्टूबर 2025 के तहत जारी निषेधाज्ञा 9 दिसम्बर 2025 तक प्रभावी थी, किन्तु इस दौरान क्रिसमस दिवस, नव वर्ष, गुरु गोविन्द सिंह जयंती, मो. हजरत अली जन्म दिवस सहित अन्य धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के संपादन तथा इसी अवधि में होने वाली अनेक परीक्षाओं के दृष्टिगत आवश्यक प्रशासनिक नियंत्रण बनाए रखना अत्यावश्यक हो गया है। इसी कारण निषेधाज्ञा को 10 दिसम्बर 2025 से 9 फरवरी 2026 तक दो माह की अवधि के लिए पुनः लागू किया गया है।
ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा-163 एवं 183 के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों के तहत जारी किया गया है और पूरे जनपद में तत्काल प्रभाव से लागू होगा। आदेश की आपात प्रकृति को देखते हुए इसे एकपक्षीय रूप से निर्गत किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग निर्धारित मानक के अनुरूप ही किया जाएगा। धार्मिक स्थलों को किसी प्रकार की क्षति पहुँचाने, धर्म विशेष की भावनाओं को आहत करने या साम्प्रदायिक सौहार्द के विपरीत किसी भी गतिविधि की अनुमति नहीं होगी। भड़काऊ पोस्टर, लेखन, नारे या किसी भी माध्यम से भ्रामक संदेश/अफवाह फैलाना पूर्णतः प्रतिबंधित है।
बिना अनुमति किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र अथवा विस्फोटक पदार्थ साथ ले जाना मना है। हालांकि सिख समुदाय के कृपाण धारण करने वाले व्यक्तियों तथा वृद्ध, दिव्यांग अथवा बीमार व्यक्तियों द्वारा लाठी के उपयोग पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्रों के आसपास 100 मीटर की परिधि में पांच या उससे अधिक व्यक्तियों का समूह एकत्र नहीं होगा। परीक्षा केंद्र परिसर में मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, संचार उपकरण एवं आईटी गैजेट्स ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। परीक्षा समाप्त होने से पूर्व किसी भी अभ्यर्थी या प्रश्न पत्र को परीक्षा केंद्र से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। परीक्षा अवधि में परीक्षा केंद्र से एक किलोमीटर की परिधि में फोटोकॉपी एवं स्कैनर का संचालन भी प्रतिबंधित रहेगा।आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा-223 के अंतर्गत दंडनीय अपराध होगा।




