
— अध्यापक कवि हरिनारायण यादव बेसुध की तीन पुस्तिकाओं का विमोचन और सह कवि-गोष्ठी संपन्न
गाजीपुर। फतेहपुर स्थित आजाद इंटर कॉलेज परिसर में अवकाश प्राप्त अध्यापक कवि हरिनारायण यादव ‘ बेसुध ‘की तीन पुस्तिकाओं का एक साथ विमोचन किया गया। एक सरस काव्य गोष्ठी हुई। मुख्य अतिथि ने माॅं सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन किया। कार्यक्रम के दौरान कविजनों को अंगवस्त्र देकर सम्मान किया गया।वरिष्ठ गजलकार चिराग के सरस्वती वन्दना से काव्य पाठ का श्रीगणेश किया। कवि दिनेश चंद्र शर्मा ने -दोष किसका है ये बाद में तय कर लेंगे/पहले नाव को तूफान से बचाया जाए। सुनाकर श्रोताओं की खूब तालियां बटोरीं। गीतकार हरिशंकर पाण्डेय ने आज के वृद्ध पिता की उपेक्षा पर बड़ा ही मार्मिक – असहाय पिता और बेबस पिता,दिल के हालात खुद जानता है पिता । गीत सुनाकर सोचने के लिए विवश कर दिया।मुख्य अतिथि कामेश्वर द्विवेदी ने भोजपुरी कविता- अन्नदाता बा किसान जानऽता सारा जहान / तबों कउनो नाहीं मान बहुते बुझात बा । यों किसानों की दुर्दशा का वास्तविक चित्रण प्रस्तुत कर लोगों की खूब वाहवाही लूटे।
वरिष्ठ कवि सूरज पाण्डेय ने सुमधुर गीत, एवं सुदर्शन सिंह चिराग ने गजल सुनाकर श्रोताओं के मन को मोह लिया। अन्य कवि दूधनाथ भारती, विमल और राकेश ने कविता सुनाकर समा बाॅंध दिया। जि०पं०स० पारस यादव,शिवपरसन यादव,चन्द्रावली,रामनाथ कुशवाहा,पू०प्र० वीरेन्द्र राम ,मदन यादव, अमरनाथ यादव,मृत्युंजयराय एवं विपिन कुमार राय अनेक गणमान्य श्रोता कार्यक्रम के अन्त तक काव्यरस के आस्वादन का भरपूर आनन्द लेते रहे । अध्यक्षता जनार्दन राम एवं सफल संचालन कार्यक्रम के आयोजक सुरेश राय ने किया। अन्त में कविवर हरिनारायण यादव ’बेसुध’ने सबके प्रति आभार प्रकट किया।




