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बिहारराज्य

पटना : जोहार भोजपुरिया माटी  पत्रिका, ‘तैयब हुसैन पीड़ित ‘विशेषांक हुआ लोकार्पित 

पटना । अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन, पटना’ के तत्वावधान में ‘जोहार भोजपुरिया माटी ‘ के डॉ.तैयब हुसैन ‘पीड़ित’ विशेषांक का लोकार्पण आज सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. महामाया प्रसाद ‘विनोद ‘ ,कार्यकारी अध्यक्ष भगवती प्रसाद द्विवेदी एवं अन्य अतिथियों द्वारा अध्यक्षीय निवास (आर ब्लॉक चौराहा) पर किया गया।‌ भोजपुरी व हिन्दी के सुप्रतिष्ठित साहित्यकार स्व. तैयब हुसैन ‘पीड़ित’ जी की प्रथम पुण्य तिथि की पूर्व संध्या में आज शाम आयोजित लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए डाॅ.महामाया प्रसाद विनोद ने कहा कि तैयब जी जितना सरल-सहज और भावपूर्ण लेखन करते थे उतने ही संवेदनशील इंसान भी थे।विनोद जी ने ‘जोहार भोजपुरिया माटी’ का डाॅ.तैयब विशेषांक प्रकाशित करने के लिए इसके संपादक कनक किशोर जी को हार्दिक बधाई दी।उन्हें याद करते हुए भगवती प्रसाद द्विवेदी ने कहा कि तैयब जी को अपनी साफगोई और वैचारिक प्रतिबद्धता के कारण कई बार विरोध का भी सामना करना पड़ा मगर वे अपने तथ्यों और तर्कों के साथ सदैव अडिग रहते थे।भगवती जी ने तैयब साहब की हिन्दी- भोजपुरी रचनाओं को संकलित कर ‘तैयब रचनावली’ प्रकाशित करने पर जोर दिया।समालोचक एवं सम्मेलन की प्रवर-समिति के वरीय सदस्य डाॅ.सुनील कुमार पाठक ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि तैयब जी ने अपनी जनवादी प्रतिबद्धता का पूरा निर्वाह करते हुए अपनी रचनाओं में हर जगह साहित्यिक सौन्दर्य-चेतना और संवेदनशीलता भी बखूबी बहाल रखी।डाॅ.पाठक ने कहा कि भोजपुरी जगत डॉ.तैयब को उनके साहित्यिक कद के अनुरूप सांगठनिक रूप से सुप्रतिष्ठित नहीं कर पाया ,इसका एहसास हमें होना चाहिए। डाॅ.तैयब के साथ अपनी यादों को साझा करते हुए प्रसिद्ध कथाकार कमलेश ने कहा कि भिखारी ठाकुर को साहित्यिक रूप से गौरवान्वित करने में डाॅ.तैयब हुसैन की सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका रही है।’संझवत ‘ के संपादक डाॅ.रामरक्षा मिश्र ‘विमल’ ने कहा कि तैयब जी प्रगतिशील विचारों के एक उत्कृष्ट रचनाकार थे।कार्यक्रम में डा.तैयब के परिजन भी उपस्थित थे जिन्होंने उपस्थित अतिथियों को तैयब जी की सद्य:प्रकाशित किताबें भेंट की। कार्यक्रम में प्राचार्य डाॅ.सत्येन्द्र प्रसाद सिंह, शकील अहमद, जमील अहमद,डाॅ.रास दादा राश,हरेन्द्र सिन्हा, अब्दुल्लाह अंसारी आदि ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद -ज्ञापन ‘भोजपुरी सम्मेलन पत्रिका ‘के उपसंपादक दिलीप कुमार ने किया।

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