एनजीटी ने सोनभद्र के जिलाधिकारी पर लगाया 10 हजार का जुर्माना

राकेश चंदेल
हिन्दुस्तान संदेश/सोनभद्र। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने जिलाधिकारी पर अवैध खनन से जुड़ी रिपोर्ट में देरी पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल की पीठ ने 13 नवंबर के आदेश में बताया कि अप्रैल में एक संयुक्त समिति का गठन कर अवैध खनन से जुड़े आरोपों की जांच करने के निर्देश दिए थे। समिति में नोडल एजेंसी के रूप में जिला मजिस्ट्रेट और केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि शामिल थे। समिति के अधिकारियों को जांच कर 23 जून तक रिपोर्ट प्रस्तुत करना था। लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट नहीं दी गई। पीठ ने कहा कि जिलाधिकारी का यह आचरण दर्शाता है कि वह न्यायाधिकरण के आदेश का पालन करने में तत्पर नहीं हैं, जिसके चलते मामले की सुनवाई में देरी हुई है। इसके लिए जिलाधिकारी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हैं। उन्हें इसे एक सप्ताह के भीतर एनजीटी बार एसोसिएशन के पास जमा करना होगा। मामले की आगे अगली सुनवाई 28 जनवरी 2026 को होगी।




