मऊ: ब्राह्मण विश्वगुरु था आज भी है,कल भी रहेगा: वाल्मीकि त्रिपाठी

परशुराम जयंती समारोह में समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सम्मानित
मऊ। ब्राह्मणवाद के बहाने ब्राह्मणों पर प्रहार करना फैसन सा बन गया है। ऐसे में भगवान परशुराम जैसे आदर्श लोगों की प्रासंगिकता और बढ़ जाती है, जिन्होंने समाज कल्याण की अलग- राह दिखाई।यह बातें उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक के सभापति एवं वरिष्ठ भाजपा नेता वाल्मीकि त्रिपाठी ने कही। वे एस एल आरपी चिल्ड्रन एकेडमी चिरैयाकोट में आयोजित परशुराम जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम कोई जाति नहीं थे बल्कि एक धर्म थे, उनके बताएं आदर्श राष्ट्रवाद को प्रेरणा देते हैं ।भगवान परशुराम श्री विष्णु के छठें अवतार थे। उनका मूल नाम राम था लेकिन शिव के परसु देने के कारण उनका नाम परशुराम पड़ा। हम सभी उनके वंशज हैं और उनके बताएं आदर्शों पर चलकर ही मानवता का कल्याण कर सकते हैं। परशुराम जयंती समाज में सामाजिक समरसता को बढ़ाने के लिए एक सशक्त माध्यम होता है ब्राह्मण सदैव से पुज्य रहा है और पूज्य रहेगा। ब्राह्मण विश्वगुरु था आज भी है कल भी रहेगा। अक्षय तृतीया नक्षत्र में जन्म होने के कारण कभी भी निर्बल कमजोर होने वाला नहीं होता। समाज में उत्कृष्ट कार्यो को करने के लिए वाल्मीकि त्रिपाठी, उमेश चंद पांडेय,अखिलेश तिवारी, डॉक्टर संतोष पांडेय,श्री अमरनाथ तिवारी, श्री अंबिका प्रसाद दुबे, विनोद उपाध्याय ,डॉ सतीश चंद तिवारी, डॉक्टर राजेंद्र पांडेय, डॉ शर्वेश पांडेय, ज्ञानेश्वर मिश्र, रामजीत पांडेय, श्रीमती कंचन तिवारी, संगीता द्विवेदी, पितुलता पांडेय,डॉक्टर चंद्रकांति शुक्ला, कुमारी रागिनी मिश्रा, आद्याशंकर मिश्र, चंद्रभूषण चतुर्वेदी, बांबेश्वर उपाध्याय आदि को सम्मानित किया गया। जयंती एवं सम्मान समारोह को पूर्व विधायक उमेश पाण्डेय, संतोष पाण्डेय ,अखिलेश तिवारी, संरक्षक डॉक्टर एस सी तिवारी, रामजी उपाध्याय, जिलाध्यक्ष ऋषिकेश पाण्डेय ने डॉक्टर युवी दुबे, विजय शंकर तिवारी, अरविंद कुमार त्रिपाठी, शशिकांत पाण्डेय, मृत्युंजय तिवारी, रमाकांत तिवारी, धनंजय पाण्डेय आदि ने संबोधित किया।इस अवसर पर अवधेश तिवारी ,जयशंकर दुबे, यशवंत उपाध्यक्ष, दिनेश मिश्रा, संजीव कुमार द्विवेदी, अभिमन्यु दुबे, गोपाल दुबे, श्याम चौबे ,प्रवीण पाठक, देवदत्त मिश्रा, मणिकांत चतुर्वेदी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन संजीव कुमार द्विवेदी ने किया।
रिपोर्ट -सतीश कुमार पांडेय




