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International News इबेरो-अमेरिकी सम्मेलन’ में ऑब्जर्वर देश के रूप में शामिल हुआ भारत

मैड्रिड । भारत की वैश्विक कूटनीति और ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों के साथ संबंधों को एक नई दिशा देते हुए विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा का तीन दिवसीय संपन्न हो गया। इस आधिकारिक यात्रा के दौरान भारत ने लैटिन अमेरिका, यूरोप और कैरेबियन देशों के साथ अपने सहयोग का दायरा बढ़ाने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। अपनी इस यात्रा के मुख्य पड़ाव के रूप में राज्य मंत्री मार्गेरिटा ने स्पेन द्वारा आयोजित ‘इबेरो- अमेरिकन कॉन्फ्रेंस’ के 30वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस सम्मेलन में भारत औपचारिक रूप से ‘एसोसिएट ऑब्जर्वर’ (सहयोगी पर्यवेक्षक) के रूप में शामिल हुआ है। इस ऐतिहासिक अवसर पर कूटनीतिक गर्मजोशी दिखाते हुए मार्गेरिटा ने स्पेन के विदेश और वैश्विक मामलों के स्टेट सेक्रेटरी डिएगो मार्टिनेज बेलियो से द्विपक्षीय मुलाकात की। बैठक के दौरान उन्होंने इबेरो-अमेरिकी सम्मेलन में भारत को सहयोगी पर्यवेक्षक का दर्जा दिलाने के लिए स्पेन द्वारा दिए गए निरंतर और मजबूत समर्थन के प्रति भारत सरकार की ओर से गहरा आभार व्यक्त किया। राज्य मंत्री ने ‘एक्स’ पर अपने इस दौरे की जानकारी साझा करते हुए बताया कि शिखर सम्मेलन से इतर, विदेश राज्य मंत्री ने क्षेत्रीय सहयोग को नया आयाम देने के उद्देश्य से ‘एसोसिएशन ऑफ कैरेबियन स्टेट्स’ (एसीएस) की महासचिव, नोएमी एस्पिनोज़ा मैड्रिड से भी एक बेहद महत्वपूर्ण मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच हुई यह उच्चस्तरीय बातचीत विशेष रूप से ‘ग्रेटर कैरेबियन’ क्षेत्र में ग्लोबल साउथ के साथ भारत के गहरे जुड़ाव पर केंद्रित रही। इस दौरान व्यापार, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने, और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के साझा एजेंडे पर भारत और कैरेबियन देशों के मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता को दोहराया गया । राजनीतिक बैठकों के अलावा, राज्य मंत्री ने मैड्रिड में रहने वाले प्रवासी भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की और भारत के विकास में उनकी भूमिका की सराहना की। अंतरराष्ट्रीय मामलों के विश्लेषकों के अनुसार, भारत का इबेरो-अमेरिकी मंच पर  एसोसिएट  ऑब्जर्वर बनना  और कैरेबियन  देशों के  साथ सक्रियता  बढ़ाना यह दर्शाता है कि भारत विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की आवाज को वैश्विक स्तर पर मजबूती देने के लिए पूरी तरह तत्पर है। विदेश राज्य मंत्री की यह स्पेन यात्रा आने वाले समय में यूरोप, लैटिन अमेरिका और कैरेबियन देशों के त्रिकोणीय कूटनीतिक गलियारे में भारत की उपस्थिति को और अधिक सुदृढ़ करेगी।

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