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विदेश

भारत-नेपाल साझेदारीः विदेश सचिव ने काठमांडू में कीं अहम बैठकें

काठमांडू। भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति को और अधिक सुदृढ़ करते हुए विदेश सचिव विक्रम मिसरी का दो दिवसीय नेपाल दौरा संपन्न हो गया। यह यात्रा दोनों देशों के बीच पारंपरिक रूप से मजबूत और ऐतिहासिक संबंधों को आधुनिक प्राथमिकताओं के साथ आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुई है। अपनी इस यात्रा के दौरान विदेश सचिव ने नेपाल के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व और मंत्रियों के साथ व्यापक व सार्थक चर्चा की, जो साझा समृद्धि के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
दौरे के मुख्य एजेंडे के तहत विक्रम मिसरी ने नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल और अपने समकक्ष विदेश सचिव अमृत बहादुर राय से मुलाकात की। इस वार्ता का एक प्रमुख उद्देश्य नेपाल के प्रधानमंत्री की आगामी भारत यात्रा की जमीन तैयार करना भी था, जिससे दोनों देशों के सहयोग को एक नई ऊंचाई मिलने की उम्मीद है।
नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर लिखा विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल से मुलाकात की। उन्होंने आगामी उच्च-स्तरीय बैठकों के माध्यम से भारत-नेपाल के बीच बहुआयामी साझेदारी को और विस्तार देने की संभावनाओं पर चर्चा की।
दूतावास ने एक अन्य पोस्ट में लिखा मिसरी ने नेपाल के विदेश सचिव अमृत बहादुर राय के साथ आपसी हित के कई मुद्दों पर बातचीत की। यह चर्चा नेपाल के प्रधानमंत्री की आगामी भारत यात्रा की तैयारियों के सिलसिले में हुई।

‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के तहत आर्थिक और ढांचागत विकास को गति देने के लिए विदेश सचिव ने नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले और पूर्व भौतिक अवसंरचना विकास मंत्री सुनील लमसाल से भी विशेष मुलाकात की। इन बैठकों में व्यापारिक संबंधों को सरल बनाने, सीमा पार संपर्क (कनेक्टिविटी) को बेहतर करने तथा नेपाल में भारत द्वारा वित्तपोषित विकास परियोजनाओं की समीक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया। भारत का यह रुख स्पष्ट करता है कि वह अपने पड़ोसियों के आर्थिक उत्थान को अपनी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखता है। इसके अतिरिक्त, ऊर्जा सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के समुचित उपयोग पर चर्चा के लिए मिसरी ने नेपाल के ऊर्जा, जल संसाधन और सिंचाई मंत्री बिराज भक्त श्रेष्ठ से मुलाकात की। दोनों देशों के बीच स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, जलविद्युत (हाइड्रोपावर) परियोजनाओं और व्यापारिक पारगमन (ट्रांजिट) को लेकर भविष्य की योजनाओं पर सकारात्मक बातचीत हुई। इस सफल दौरे ने एक बार फिर प्रमाणित किया है कि भारत अपनी भौगोलिक और सांस्कृतिक निकटता वाले देशों के साथ आपसी विश्वास और समान विकास के सिद्धांत पर काम कर रहा है। विदेश सचिव की यह यात्रा नेपाल के नए राजनीतिक परिदृश्य में भारत-नेपाल मैत्री को एक नई और गतिशील दिशा देने में पूरी तरह सफल रही है।

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