गाजीपुर : बीसी सखियों की समस्याओं के समाधान को लेकर जिलाधिकारी के निर्देश, लंबित मानदेय का मुद्दा

गाजीपुर ( विवेकानंद राय )। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में गुरुवार को विकास भवन सभागार में बीसी सखियों की समस्याओं के समाधान को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकृत पहचान पत्र उपलब्ध कराने, नए राष्ट्रीयकृत बैंकों से जोड़ने, लंबित मानदेय का भुगतान तथा मनरेगा मजदूरों के भुगतान की जिम्मेदारी बीसी सखियों के माध्यम से निभाने सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि बीसी सखियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। उन्होंने पंचायत भवनों में बीसी सखियों के बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा पहचान पत्र बनवाने के लिए फोटो और आवश्यक विवरण संबंधित ब्लॉक में जमा कराने को कहा। वहीं, नए राष्ट्रीयकृत बैंकों को जोड़ने संबंधी शासनादेश का शीघ्र अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) को निर्देशित किया, ताकि बीसी सखियों की बैंकवार संबद्धता और ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया पूरी हो सके। मनरेगा मजदूरों के भुगतान का कार्य बीसी सखियों के माध्यम से कराने के संबंध में जिलाधिकारी ने डीसी एनआरएलएम को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
1,017 सक्रिय बीसी सखियां, मानदेय भुगतान का मुद्दा उठा
बैठक में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, जनपद में कुल 1,017 सक्रिय बीसी सखियां कार्यरत हैं। इनमें से 705 बीसी सखियों को छह माह का पूरा मानदेय प्राप्त हो चुका है, जबकि अन्य बीसी सखियों का कुछ महीनों का मानदेय अभी अप्राप्त है। वहीं, 104 बीसी सखियों के छह माह का मानदेय लंबित बताया गया। शासन द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार, मानदेय प्राप्त करने के लिए बीसी सखियों को प्रत्येक माह न्यूनतम 15 ट्रांजेक्शन पूरे करना आवश्यक है। निर्धारित शर्त पूरी होने पर उन्हें मानदेय प्राप्त होने की व्यवस्था है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बीसी सखियों से संबंधित सभी समस्याओं के निस्तारण के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे उनके कार्यों में आ रही बाधाएं दूर हों और बैंकिंग सेवाओं का संचालन सुचारु रूप से हो सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, डीसी एनआरएलएम वी.के. यादव सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी तथा बीसी सखियां उपस्थित रहीं।



