लखनऊ : सर्वजन सनातन पार्टी का ऐलान, यूपी की सभी 403 विधानसभा सीटों पर लड़ेगी चुनाव

हिंदू कोई बंधक वोट बैंक नहीं, सनातन की आकांक्षाओं को स्वतंत्र राजनीतिक आवाज़ मिलनी चाहिए- एम नागेश्वर राव
लखनऊ । सर्वजन सनातन पार्टी (SSP) के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सीबीआई के पूर्व निदेशक एम.नागेश्वर राव ने आज सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की। पार्टी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और जनता को एक स्वतंत्र राजनीतिक विकल्प देगी। श्री राव ने कहा कि हिंदुओं को बार-बार यह कहकर राजनीतिक विकल्प से वंचित किया जाता है। भाजपा को वोट नहीं देंगे तो किसे देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी राजनीतिक दल का हिंदू मतों पर एकाधिकार नहीं है और सनातन में आस्था का अर्थ किसी दल की राजनीतिक दासता स्वीकार करना नहीं है। SSP का उद्देश्य केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि सनातन सभ्यतागत मूल्यों, संवैधानिक लोकतंत्र, सामाजिक समरसता और जवाबदेह शासन पर आधारित भारत का पुनर्निर्माण है। पार्टी ने भाजपा पर छद्म हिंदुत्व और जातिगत विभाजन की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भारत को ऐसी राजनीति की आवश्यकता है जो सभ्यतागत पहचान को आधुनिक विकास, न्याय और जनकल्याण के साथ जोड़े।
एसएसपी पार्टी की प्रमुख घोषणाएं..
कानून का शासन- गोवंश संरक्षण: SSP ने गोवंश संरक्षण के प्रति सरकारों की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए और उत्तर प्रदेश के निर्यातोन्मुख बूचड़खानों तक शांतिपूर्ण मार्च। श्रीराम जन्मभूमि: पार्टी ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के प्रबंधन में हिंदू धर्माचार्यों, साधु-संतों और अखाड़ों की भूमिका सुनिश्चित करने की मांग। युक्त- आरक्षण और समान न्याय, SSP आरक्षण नीतियों की व्यापक समीक्षा, समान अवसर और सामाजिक समरसता की पक्षधर है। पार्टी SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम को निरस्त। निःशुल्क, उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा: घर के पास रोजगार, किसान और ग्रामीण समृद्धि, परिवार की मजबूती,
भारत के पुनर्निर्माण का संकल्प
श्री एम. नागेश्वर राव ने कहा कि SSP सभ्यतागत पहचान और आधुनिक प्रगति, सामाजिक न्याय और सामाजिक समरसता तथा प्रभावी शासन और जवाबदेही को एक-दूसरे का विरोधी नहीं मानती। पार्टी ऐसे भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है जो सनातन धर्म में निहित हो। SSP ने हिंदू धर्माचार्यों, साधु-संतों, किसानों, युवाओं, श्रमिकों, उद्यमियों और सभी नागरिकों से इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। किसी राजनीतिक दल का हिंदू मतों पर एकाधिकार नहीं है। सनातन को पुनर्स्थापित करें । भारत का पुनर्निर्माण करें। सभी को सशक्त और समृद्ध बनाएं ।



