गाजीपुर : हाय हमारे श्रीराम अयोध्या छोड़ चले

चंद्र मोहन तिवारी /गाजीपुर। अति प्राचीन श्रीरामलीला कमेटी हरिशंकरी के तत्वावधान में पांचवे दिन शनिवार अमावस्या को शाम हरिशंकरी स्थित श्रीराम चबूतरा पर रामलीला मंचन मे कोप भवन मे कैकेई ने राजा दशरथ से अपने दोनों वरदान माँगा और राजा दशरथ ने अपने रघुकुल की परम्परा को निभाया – रघुकुल रीति सदा चली आई, प्राण जाये पर वचन न जाइ, और भगवान श्रीराम वन गमन के लिए राजा दशरथ से आज्ञा मांगे और वन गमन को तैयार हो गयेl और सभी अयोध्यावासी रोने लगे -हाय हमारे राम अयोध्या छोड़ चले, प्राचीन परम्परा के अनुसार दीक्षित ज़ी के रामजानकी मंदिर मे रात्रि विश्राम के उपरांत नींद मे सोये हुए अयोध्यावासी को अगले दिन रविवार को छोड़ कर वनगमन को प्रस्थान करेंगे l मंगलवार एकादशी से शुभारम्भ होने वाली श्रीराम लीला के पहले दिन धनुष मुकुट पूजा, नारद मोह, श्रीराम जन्म, दूसरे दिन तड़का वध, सीताराम मिलन, तीसरे दिन सीता स्वयँम्बर, परशुराम लक्षमण सँवाद व चौथे दिन श्रीराम विवाह, राजतिलक की तैयारी, केकई कोप भवन का मंचन किया गयाl वनगमन के साथ हरिशंकरी के लीलामंचन समापन के पश्चात वनगमन कर निषादराज मिलन व सवाद पहाड़ खा के पोखरा पर रविवार को मंचन होगाl पं. राजा भैया आदर्श श्रीरामलीला मंडल के कलाकारों ने प्रसंगों का जीवंत मंचन कर दर्शकों को रामकथा के भावनात्मक मोड़ से परिचित कराया। लीला मंचन से पूर्व कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी ने मेला प्रबंधन को लेकर सुरक्षाकर्मी व रामलीला मंचन का आवश्यक दिशा निर्देश देते रहे । इस अवसर पर कमेटी के पदाधिकारी सहित सैकड़ो श्रद्धांलू उपस्थित रहे।



