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उत्तर प्रदेश

योगी सरकार का बेसिक शिक्षा में बड़ा कदम, प्राथमिक विद्यालय बनेंगे स्मार्ट स्कूल

300 करोड़ रुपए की स्वीकृत धनराशि से चरणबद्ध रूप से स्मार्ट क्लास की होगी स्थापना, विद्यार्थियों को मिलेगा आधुनिक एवं तकनीकी शिक्षा का लाभ

अशोक कुमार मिश्र / लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोक भवन में सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश में बेसिक शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और परिषदीय विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने से संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई । योगी सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के हजारों परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षण व्यवस्था के साथ-साथ डिजिटल एवं तकनीकी शिक्षा का लाभ मिलेगा। प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों को ‘स्मार्ट स्कूल’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए कुल 300 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई है। इस धनराशि से लगभग 14,429 परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की समग्र शिक्षा योजना के अन्तर्गत परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों (कक्षा-6 से 8) में डिजिटल इनिशिएटिव प्रोग्राम के तहत उच्च नामांकन वाले विद्यालयों में चरणबद्ध रूप से स्मार्ट क्लास एवं आईसीटी लैब स्थापित कराई जा रही हैं। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों को भी स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है।उन्होंने कहा कि योगी सरकार प्रदेश के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा व्यवस्था में तकनीक के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दे रही है। परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में पारंपरिक शिक्षण व्यवस्था के साथ स्मार्ट क्लास एवं आईसीटी लैब की स्थापना से विद्यार्थियों को अद्यतन तकनीकी शिक्षा का लाभ मिलेगा तथा उनके सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, रोचक और आधुनिक बनाया जा सकेगा । अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बताया कि स्मार्ट स्कूल परियोजना के क्रियान्वयन के लिए श्रीट्रान इण्डिया लिमिटेड को कार्यदायी संस्था के रूप में नामित किया गया है। लगभग 14,429 प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की स्थापना के लिए प्रति विद्यालय 2,07,910 रुपए की दर निर्धारित की गई है, जिसमें सेन्टेज चार्जेज एवं जीएसटी भी शामिल है। स्मार्ट क्लास की स्थापना का कार्य नियमानुसार प्रतिस्पर्धात्मक निविदा के माध्यम से कराया जाएगा। यदि निविदा प्रक्रिया में प्रति विद्यालय निर्धारित दर से कम दर प्राप्त होती है तो स्वीकृत 300 करोड़ रुपए की कुल धनराशि के सापेक्ष स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित किए जाने वाले प्राथमिक विद्यालयों की संख्या में और वृद्धि की जाएगी।

 

 

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