लखनऊ : पुलिस भर्ती परीक्षा- एक प्रश्न पर खड़ा हुआ विवाद

लखनऊ (शाश्वत तिवारी)। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक प्रश्न को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रश्न में दिए गए विकल्पों को लेकर कई संगठनों ने आपत्ति जताई है और इसे सामाजिक सम्मान से जुड़ा विषय बताया है। इस मामले पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा है कि किसी भी प्रश्न या टिप्पणी से किसी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुँचना बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने सोशल मीडिया हैंडल “एक्स” के माध्यम से कहा कि सरकार ने इस मामले का गंभीरता से संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रश्न से किसी जाति, समुदाय या परंपरा के सम्मान को ठेस पहुंचती है तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और इसकी पूरी जांच कराई जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच के निर्देश देते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उधर, इस मामले में भारतीय सवर्ण संघ के राष्ट्रीय महासचिव पंडित साधू तिवारी ने भी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि दरोगा भर्ती परीक्षा में पूछे गए, 14 नंबर के प्रश्न के विकल्प (डी) में “पंडित” शब्द का प्रयोग आपत्तिजनक तरीके से किया गया, जिसका संगठन पूर्ण रूप से विरोध करता है।
पंडित साधू तिवारी ने कहा कि किसी भी परीक्षा में ऐसे शब्दों या विकल्पों का प्रयोग नहीं होना चाहिए, जिससे किसी जाति या समुदाय की भावना आहत हो। उन्होंने इस पूरे प्रकरण पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी से तत्काल संज्ञान लेने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश सरकार सभी समाजों के सम्मान, समानता और संवेदनशीलता के सिद्धांत पर कार्य करती है। प्रदेश के हर नागरिक की गरिमा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इस तरह की घटनाओं को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस मामले को लेकर सोशल मीडिया और विभिन्न संगठनों के बीच चर्चा तेज हो गई है। अब देखना होगा कि जांच के बाद सरकार क्या कदम उठाती है और भर्ती परीक्षा से जुड़े इस विवाद पर क्या कार्रवाई होती है।



