गाजीपुर : आम आदमी के हाथों शिलापट्ट का अनावरण, पुलिस-जनता के विश्वास को मिला नया संदेश

विवेकानंद राय /संवाददाता, गाजीपुर। यातायात कार्यालय के निर्माण के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम में एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने पुलिस और आम जनता के बीच संबंधों को लेकर एक सकारात्मक संदेश दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे डीआईजी वाराणसी वैभव कृष्ण की मौजूदगी में शिलापट्ट का अनावरण किसी विशिष्ट व्यक्ति या अधिकारी के हाथों नहीं, बल्कि एक आम नागरिक से कराया गया। आमतौर पर सरकारी और पुलिस विभाग से जुड़े निर्माण कार्यों के शिलान्यास अथवा उद्घाटन कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों अथवा विशिष्ट अतिथियों को प्रमुखता दी जाती है। लेकिन गाजीपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में आम नागरिक को शिलापट्ट के अनावरण का अवसर देकर पुलिस विभाग ने एक अलग और सराहनीय संदेश देने का प्रयास किया।
इस पहल को महज एक औपचारिकता के रूप में नहीं देखा जा सकता। इसके पीछे यह संदेश साफ दिखाई देता है कि पुलिस व्यवस्था जनता के लिए है और जनता पुलिस व्यवस्था का केंद्र है। कानून-व्यवस्था से लेकर यातायात प्रबंधन तक पुलिस की सफलता तभी सार्थक होती है, जब आम नागरिक उसके साथ विश्वास और सहयोग के भाव से जुड़ा हो। डीआईजी वैभव कृष्ण की मौजूदगी में आम आदमी द्वारा शिलापट्ट का अनावरण कराया जाना पुलिस और जनता के बीच दूरी कम करने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है। यह उस सोच को मजबूत करता है कि पुलिस केवल वर्दी, कानून और अधिकार का नाम नहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा और विश्वास की जिम्मेदारी निभाने वाली संस्था है। वास्तविकता यह है कि पुलिस जनता के विश्वास की प्रतीक है। जब किसी आम नागरिक को पुलिस के किसी महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सम्मान और सहभागिता मिलती है, तो उसके भीतर पुलिस के प्रति अपनत्व की भावना पैदा होती है। दूसरी ओर पुलिसकर्मियों के लिए भी यह संदेश महत्वपूर्ण है कि उनकी सबसे बड़ी ताकत केवल कानून का अधिकार नहीं, बल्कि जनता का विश्वास और सहयोग है। आज जब पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर संवाद और समन्वय की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही है, ऐसे छोटे लेकिन प्रभावशाली कदम बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। यातायात कार्यालय का निर्माण भले ही प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक कदम हो, लेकिन भूमि पूजन के दौरान आम नागरिक को सम्मान देकर शिलापट्ट का अनावरण कराना पुलिसिंग में जनभागीदारी और विश्वास की एक बड़ी तस्वीर पेश करता है।
गाजीपुर का यह आयोजन इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यहां शिलापट्ट का अनावरण केवल एक भवन की शुरुआत नहीं, बल्कि पुलिस और जनता के बीच मजबूत होते भरोसे का प्रतीक बन गया।



