उन्नावः दिखावा, बेपर्दगी और संगीत शरीअत के ख़िलाफ
सजावट पर लाखों खर्च करने के बजाए अनाथों, विधवाओं और जरूरतमंदों की मदद करें, उन्नाव में जलसा-ए-सीरतुन्नबी सल्ल का आयोजन

उन्नाव। जमीयत उलमा शहर उन्नाव के तत्वावधान में मस्जिद मरकज अखाड़ा में आयोजित जलसा-ए- सीरतुन्नबी सल्ल. में उत्तर प्रदेश के महासचिव मौलाना अमीनुल हक़ अब्दुल्लाह क़ासमी ने कहा कि अल्लाह के नजदीक सिर्फ वही इबादत और अमल स्वीकार्य है जो नबी करीम सल्ल. के बताए हुए तरीक़े के बिल्कुल अनुरूप हो।
उन्होंने कहा कि हुब्ब-ए-रसूल सल्ल. की असली कसौटी आपकी सुन्नतों का पूर्ण पालन है। दीन के नाम पर की जाने वाली बिदअत, दिखावा, बेपर्दगी और गैर-शरई रस्में जैसे संगीत और सजावट पर बेतहाशा खर्च करना शरीअत के ख़िलाफ और अल्लाह की रजा के विपरीत है। मौलाना क़ासमी ने मौजूदा राष्ट्रीय हालात और आर्थिक संकट के संदर्भ में उम्मत को बेदार करते हुए पुरजोर अपील की कि अस्थायी सजावट और गैर-शरई कार्यों पर लाखों रुपये बर्बाद करने के बजाय, इन बड़ी रक़मों से अनाथों, विधवाओं और जरूरतमंदों की मदद की जाए, जो कि मूल इस्लामी शिक्षा और सच्चे इश्क़-ए-रसूल का तक़ाज़ा है।
मौलाना ने उम्मत की दावती और सामाजिक जिम्मेदारियों की तरफ ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि बिरादराने वतन (देशवासियों) तक इस्लाम का सही संदेश और नबी करीम सल्ल. की मानवतावादी शिक्षाओं को पंपफ्लेट और साहित्य के माध्यम से पहुंचाना वक़्त की सबसे अहम जरूरत है। पर्यावरण से जुड़े मुद्दों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और जल संकट से परेशान है, जबकि हमारे आक़ा सल्ल. ने साढ़े चैदह सौ साल पहले ही पौधारोपण को सदक़ा क़रार देकर और पानी के व्यर्थ इस्तेमाल से रोककर दुनिया को बेहतरीन कार्ययोजना दी थी। उन्होंने उपस्थित लोगों को ताकीद की कि हर मुसलमान अल्लाह का शुक्र अदा करे, नबी करीम सल्ल. से सच्ची मोहब्बत के साथ आपकी सुन्नतों का पालन करे और अपने हर अमल में इखलास (निष्ठा) पैदा करे।
जलसे का आगाज क़ारी मौलाना इस्लाम उद्दीन इमाम, मस्जिद ऊंटसार ने कुरआन पाक की तिलावत से किया। मौलवी मोहम्मद मसूद कानपुरी ने बारगाह-ए-रिसालत में अक़ीदत के फूल पेश किए। मौलाना अमीनुल हक़ अब्दुल्लाह क़ासमी की दुआ पर जलसा संपन्न हुआ। जलसे में विशेष रूप से मौलाना जाकिर, हाफिज सैफुल इस्लाम, हाफिज ओवैस, हाफिज शाकिर, हाफिज जहीरउद्दीन, उमैर अहमद, मोहम्मद शान सहित बड़ी संख्या में शहर के आम व ख़ास लोग शरीक रहे।



