Slide 1
Slide 1
ब्रेकिंग न्यूज़

साझा विरासतः नेपाल में भूकंप के बाद भारत ने संवारीं 30 ऐतिहासिक धरोहरें


काठमांडू। वर्ष 2015 के विनाशकारी भूकंप की मार झेलने वाली नेपाल की कई अमूल्य सांस्कृतिक धरोहरों को भारत ने अपनी अटूट दोस्ती और साझा विरासत के संकल्प से एक बार फिर पुनर्जीवित कर दिया है। भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को और मजबूती देते हुए, नेपाल के ऐतिहासिक पाटन शहर में एक और नवनिर्मित ‘कुमारी छेन’ और ‘नई कुमारी निवास’ का भव्य उद्घाटन किया गया। इस विशेष सांस्कृतिक धरोहर स्थल का संयुक्त उद्घाटन नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव, नेपाली सांसद जगदीश खरेल और ललितपुर महानगरपालिका मेयर चिरीबाबू महर्जन द्वारा पारंपरिक अनुष्ठानों और शिलापट्ट के अनावरण के साथ किया गया। इसके साथ ही भारत सरकार द्वारा भूकंप के बाद पुनर्निर्माण सहायता के माध्यम से नेपाल के 8 जिलों में सांस्कृतिक धरोहर स्थलों के संरक्षण की कुल संख्या 30 हो गई है। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा ‘श्री कुमारी छेन’ और ‘नई कुमारी निवास’ का पुनर्निर्माण भारत सरकार द्वारा भूकंप के बाद पुनर्निर्माण के लिए दी गई लगभग 5 करोड़ नेपाली रुपये की अनुदान राशि से किया गया है। इसे सीएलपीआईयू (भवन और आवास) द्वारा लागू किया गया, जबकि डिजाइन और परियोजना प्रबंधन परामर्श सेवाएं ‘इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट्स एंड कल्चरल हेरिटेज’ (इनटेक) द्वारा प्रदान की गईं।
दूतावास ने कहा इस दौरान सांसद खरेल ने धरोहर संरक्षण की पहल के लिए भारत सरकार द्वारा दी गई बहुमूल्य सहायता को सराहा। मेयर महर्जन ने भी ललितपुर और अन्य जिलों में सांस्कृतिक धरोहर स्थलों के पुनर्निर्माण और संरक्षण में भारत सरकार के महत्वपूर्ण योगदान के लिए गहरी प्रशंसा व्यक्त की। वहीं दूसरी ओर भारतीय राजदूत ने अपने संबोधन में भारत और नेपाल के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों पर प्रकाश डाला। उन्होंने नेपाल के ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण के लिए भारत के निरंतर समर्थन के बारे में बात की और कहा कि ये पुनर्निर्मित संरचनाएं दोनों देशों के बीच साझा धरोहर और मित्रता के स्थायी प्रतीक के रूप में खड़ी हैं। भारतीय दूतावास के अनुसार भारत सरकार ने भूकंप पश्चात पुनर्निर्माण सहायता के माध्यम से नेपाल के 8 जिलों में 30 सांस्कृतिक धरोहर स्थलों के संरक्षण के अलावा अपनी ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति पर चलते हुए गोरखा और नुवाकोट ज़िलों में 50,000 निजी घरों, 8 ज़िलों में 85 शिक्षण संस्थानों और 11 ज़िलों में 133 स्वास्थ्य सुविधाओं के पुनर्निर्माण में भी सहयोग किया है।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button