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कानपुरः मां तुझे प्रणाम रैली में शामिल होगी गणेश शंकर विद्यार्थी की झांकी

ओईएफ की ओर से बनाई जा रही है झांकी, रंगमंच के कलाकार राजेंद्र गौतम निभा रहे किरदार, सांप्रदायिक दंगे को रोकने में नई सड़क के पास शहीद हो गए थे विद्यार्थी

गणेश-शंकर-विद्यार्थी
गणेश-शंकर-विद्यार्थी
रंगकर्मी-राजेंद्र-गौतम।

रंगकर्मी-राजेंद्र-गौतम।

ओईएफ की ओर से इस बार स्वतंत्रता दिवस पर स्वतंत्रता सेनानी व पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी की एक झांकी निकाली जाएगी। झांकी तैयार कर ली गई है। इस झांकी में गणेश शंकर विद्यार्थी का किरदार रंगमंच के कलाकार राजेंद्र गौतम निभा रहे हैं। उनके साथ कई सहकर्मी भी काम कर रहे हैं। यह झांकी अमर उजाला की ओऱ से निकाली जा रही मां तुझे प्रणाम रैली में शामिल होगी।

महान स्वतंत्रता सेनानी, निडर, क्रांतिवीर पत्रकार और समाज सुधारक अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी का संबंध उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से था। उनका पैतृक निवास स्थान फतेहपुर जिले के हथगाम  कस्बे में है। जहां उनके पूर्वज रहते थे। उनके पिता जयनारायण मूल रूप से फतेहपुर के हथगाम के निवासी थे।

कर्मभूमि: उन्होंने अपनी मुख्य पत्रकारिता और स्वतंत्रता संग्राम की कर्मभूमि कानपुर को बनाया, जहाँ से उन्होंने प्रसिद्ध पत्र ‘प्रताप’ का संपादन किया।  नर्वल में सेवा आश्रम की स्थापना कर स्वराज व स्वदेशी की अलख जगाई थी।  ‘स्वाधीनता संग्राम गणेश शंकर विद्यार्थी का  जीवन महत्वपूर्ण रहा । उन्होंने 1919 में हिन्दी में पहला भाषण दिया तो अंग्रेज बौखला गए। उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। कई बार जेल गए। उन्होंने कानपुर से ‘प्रताप’ नामक प्रसिद्ध साप्ताहिक समाचार पत्र निकाला। ‘प्रताप’ का प्रकाशन गणेश शंकर विद्यार्थी ने वर्ष 1913  में कानपुर से किया।  उनके पत्र ने हमेशा गरीबों, किसानों और मजदूरों पर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाई गई। उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान क्रांतिकारियों को खुलकर समर्थन दिया।

अमर  बलिदानः मार्च 1931 में कानपुर में भयंकर सांप्रदायिक दंगे भड़क उठे। वे अपनी जान की परवाह किए बिना दंगों के बीच गए और फंसे हुए लोगों (हिन्दू और मुस्लिम दोनों) को बचाया। लोगों की रक्षा करते हुए वे खुद हिंसक भीड़ का शिकार हो गए और शहीद हो गए। नई सड़क के पास एक गली में यहां पर गणेश शंकर विद्यार्थी शहीद हुए थे वहां पर उनके नाम का मंदिर बना है।

 

ASIF HUSAIN

ASIF HUSAIN EDITOR मैंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से हिंदी साहित्य में परास्नातक (मास्टर) करने के बाद ट्रांसलेशन में पीजी डिप्लोमा किया। इसके बाद पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया। 1997-98 में राष्ट्रीय सहारा में ट्रेनिंग की। इसके बाद 1998 में अमर उजाला कानपुर में ज्वाइन किया। अमर उजाला में कानपुर में रिपोर्टिंग की। गाजीपुर, चंदौली, भदोही, इटावा में ब्यूरोचीफ के पद पर रहा। इसके अलावा मुरादाबाद में संभल डेस्क प्रभारी रहा। झांसी में देहात डेस्क प्रभारी रहा। साथ में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की रिपोर्टिंग की। 2023-24 में अमर उजाला में सीनियर सब एडिटर पद से स्वैच्छिक रिटायरमेंट लिया। इसके बाद अपना यूट्यूब चैनल ‘ब्रिलियंट टाइम’ नाम से बनाया। वीकली अखबार भी इसी नाम से निकाला। ‘द्वाबा सम्राट हिंदी दैनिक’ में देश और विदेश पर लेख लिखे। वर्तमान में हिंदुस्तान संदेश से बतौर एडिटर जुड़ा हूं।

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