आजमगढ़ : स्वतंत्रता सेनानियों के गाँव में बर्षो से जर्जर सड़क

गोविंदा लाल शर्मा/आजमगढ़। हीरापट्टी मुहल्ले में वर्षों से बुरी तरह टूटी सड़क का निर्माण न होने से मुहल्लेवासी बेहद आक्रोशित हैं। 1857 के गदर में अंग्रेजों से लोहा लेने वाले तथा अंग्रेजों भारत छोड़ो का आन्दोलन चलाने वाले इसी गाँव के प्रगट सिंह, प्रगण सिंह, रामचंद्र सिंह, फूल बदन सिंह जैसे आन्दोलनकारियों का आवाज दबाने के लिए पूरे गाँव को अंग्रेजों ने फूंक दिया था। गाँव में ही स्थित चित्रगुप्त मन्दिर पर जिले भर के स्वतंत्रता सेनानी इकठ्ठा होकर अंग्रेजों के खिलाफ रणनीति बनाते थे। उन्ही स्वतंत्रता सेनानियों के वंशज श्री सुरेन्द्र सिंह सदस्य उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बहुत दुखी होकर जर्जर सड़क के बारे में विस्तार से बताया। स्वतंत्रता सेनानियों के गाँव का सड़क आज इस हालत में है कि लोग काफी क्रोधित हैं। अनेकों बार सूचना देने के वावजूद शासन प्रशासन और जिम्मेवार लोगों का सड़क के प्रति अनदेखी समझ से परे है। विगत दिनों भारत रक्षा दल ने भी इसी जर्जर सड़क पर पौधारोपण कर जोरदार धरना प्रदर्शन किया था तथा भ्रमण करते हुए नगरपालिका अध्यक्ष, विधायक, सांसद,प्रशासन के विरुद्ध नारे लगाए थें। इस सड़क से हीरापट्टी, आरजीबाग, शिवाजी नगर आदि कई मुहल्लों के लोगों का आवागमन तो होता ही है, साथ ही इस सड़क से फातिमा स्कूल, सेंट्रल स्कूल, शिब्ली कॉलिज आदि कई स्कूलों के बच्चे आते जाते हैं और इसी रोड पर श्री चित्र गुप्त जी का मंदिर भी स्थित है,यह सड़क वर्षों से बुरी तरह खराब है,लोगों ने कई बार नगर पालिका और प्रशासन को मांग पत्र , सूचना दिया परंतु कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। सुरेन्द्र सिंह जी ने उपरोक्त बातों का संज्ञान लेते हुए इस सड़क को शिघ्र बनवाने हेतु शासन प्रशासन से मांग की है।मण्डल मुख्यालय के नगर क्षेत्र में सड़क की इतनी बुरी हालत फिर भी जिम्मेदारों को शर्म नहीं आ रही है, यह लापरवाही नहीं बल्कि घोर निकम्मापन है।



