गाजीपुर का नाम महर्षि विश्वामित्र नगर करने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

चंद्र मोहन तिवारी। गाजीपुर का नाम परिवर्तित कर ऐतिहासिक पौराणिक पहचान के नाम अनुरूप “गाधिपुरी” अथवा “महर्षि विश्वामित्र नगर” किए जाने की मांग को लेकर डीएम को ज्ञापन विश्व हिन्दू परिषद के प्रतिनिधि मण्डल ने सौपा । पूर्वांचल के ऐतिहासिक जनपद का प्राचीन इतिहास अत्यंत समृद्ध एवं गौरवशाली रहा है। जनपद की ऐतिहासिक, पौराणिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का संबंध राजा गाधि तथा महर्षि विश्वामित्र की परंपरा से जोड़ा जाता है।
मध्यकाल खंड में विदेशी आक्रांताओं ने इस प्राचीन धार्मिक,सांस्कृतिक नगर को तहस नहस करके 1330 मे नगर का नाम गाजी अथवा गाजीपुर कर दिया गया जो आज भी जनपद वासी इस गुलामी के कालखंड के कलंक को आज भी इस नाम से महसूस कर रहे है जनपद के प्राचीन इतिहास, धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत तथा स्थानीय जनभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए यह प्रस्ताव विचारणीय है कि वर्तमान “गाजीपुर” नाम के स्थान पर जनपद का नाम “गाधिपुरी” अथवा “महर्षि विश्वामित्र नगर” किए जाने की संभावना पर शासन स्तर से ऐतिहासिक एवं अभिलेखीय परीक्षण का मांग करते हैं । प्राचीन ऐतिहासिक ग्रंथों, राजस्व एवं प्रशासनिक अभिलेखों, पुरातात्त्विक साक्ष्यों तथा विशेषज्ञों की राय का परीक्षण कराते हुए जनपद के नाम परिवर्तन के संबंध मे मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री व महामहिम राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि उपजिलाधिकारी सदर को सौपी गयी । इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के जिला प्रतिनिधि मंडल में शामिल विपिन श्रीवास्तव जिला अध्यक्ष, विनीत सिंह जिला मंत्री, रविराज हिंदू जिला संयोजक बजरंग दल, अभिषेक आरएसएस, अनुराग चौहान, ओम प्रकाश पाण्डेय, आंनद प्रकाश तिवारी जिला कोषाध्यक्ष रहे।




