Slide 1
Slide 1
गाजीपुर

गाजीपुर के जिलाधिकारी की जनपदवासियों से अपील…

बरसात में विद्युत पोल, तार और ट्रांसफार्मर से दूरी बनाकर रखें, किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें

गाजीपुर। बरसात के मौसम में विद्युत दुर्घटनाओं को रोकने और लोगों को जागरूक करने के लिए शनिवार को जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता मे कलेक्ट्रेट कार्यालय कक्ष में प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। जिसमें जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील कि वे बरसात में विद्युत पोल, तार और ट्रांसफार्मर से दूरी बनाकर रखें, किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। जिलाधिकारी ने कहा कि बरसात के मौसम मे आंधी-तूफान के कारण विद्युत लाइनों में फॉल्ट, तार टूटने और करंट उतरने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इससे जनहानि के साथ-साथ पशु हानि भी होती है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन और विद्युत विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। उन्होंने बताया कि जनपद में कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है। हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। जिस पर 24 घंटे शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने जनपद वासियों से अपील करते हुए विद्युत दुर्घटना से बचाव के उपाय बताते हुए कहा की विद्युत पोल और तारों से दूरी बनाएं रखें’। विद्युत पोल चाहे वो लोहे के हों या सीमेंट से निर्मित हों, और उनसे लटक रहे तारों के सम्पर्क में न आएं और न ही उन्हें छुएं, क्योंकि बरसात के मौसम में रिटर्निंग करंट उतरने की प्रबल संभावना बनी रहती है। कई बार नमी के कारण पोल में करंट उतर आता है। अनजाने में छूने से बड़ा हादसा हो सकता है। इसलिए बच्चों को भी इस संबंध में विशेष रूप से समझाया जाए कि वे पोल के पास खेलने न जाएं।  टूटे तार या गिरे केबल की तुरंत सूचना दें। यदि किसी भी प्रकार के नंगे तार व केबल जो जमीन पर गिरे हों अथवा लटक रहे हों, तो उसे न छुएं तथा जनहित में इसकी सूचना तुरंत जनपद में स्थापित विद्युत विभाग के कंट्रोल रूम के मोबाईल नम्बर- 9453047253 पर शिकायत दर्ज कराएं। जिससे संभावित विद्युत दुर्घटना से बचा जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि सूचना मिलते ही विद्युत विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर उसे ठीक करेगी। किसी भी व्यक्ति द्वारा टूटे तार को स्वयं ठीक करने का प्रयास न किया जाए। पानी भरे स्थानों पर लगे पोल और ट्रांसफार्मर से दूर रहें। ऐसे स्थापित पोल चाहे लोहे के हों या सीमेंट के एवं वितरण परिवर्तक यानी ट्रांसफार्मर जिनके आस-पास पानी भरा हुआ है, वहां से न गुजरें। बरसात का पानी बिजली का सुचालक होता है। पानी में उतरे करंट से कई मीटर दूर तक करंट फैल सकता है। इसलिए जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के किसी भी नागरिक की विभागीय कारणों से विद्युत दुर्घटना से मृत्यु होती है। तो उसके आश्रित को विद्युत विभाग के नियमानुसार रू 5.00 लाख की क्षतिपूर्ति प्रदान की जाती है। यह सहायता तभी देय होगी जब दुर्घटना विद्युत विभाग की लापरवाही या उपकरणों में खराबी के कारण हुई हो। वहीं यदि किसी नागरिक/उपभोक्ता की अपने घर के अन्दर विद्युत स्पर्शाघात से मृत्यु होती है तो विद्युत विभाग द्वारा किसी भी प्रकार की क्षतिपूर्ति अनुमन्य नहीं होगी। घरेलू वायरिंग, घर के अंदर लगे उपकरणों और व्यक्तिगत लापरवाही से हुई दुर्घटनाओं की जिम्मेदारी उपभोक्ता की स्वयं की होगी। इसलिए घर की वायरिंग समय-समय पर किसी लाइसेंस प्राप्त इलेक्ट्रीशियन से जरूर जांच करवाएं। अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे फील्ड में जाकर स्वयं निरीक्षण कर उपभोक्ताओं की शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करें। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को विद्युत सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। जब तक आम जनता सहयोग नहीं करेगी, तब तक दुर्घटनाओं को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता। उन्होंने मीडिया के बंधुओं से भी अनुरोध किया कि वे इस सूचना को जन-जन तक पहुंचाएं ताकि बरसात में कोई अनहोनी न हो। जिलाधिकारी ने अंत में कुछ अतिरिक्त सावधानियां भी गिनाईं। कहा की गीले हाथों से स्विच, प्लग और उपकरणों को न छुएं। घर में डब्ठ और म्स्ब्ठ जरूर लगवाएं। छत पर लगे सोलर पैनल और इन्वर्टर की वायरिंग की जांच कराएं। पेड़ों की टहनियां अगर तारों को छू रही हैं। तो उसकी सूचना सम्बन्धित विभाग को दें। बच्चों को पतंग उड़ाते समय बिजली के तारों से दूर रखने की हिदायत दें। प्रेस वार्ता के दौरान अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण खंड विवेक खन्ना , जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button