देवरिया : या हुसैन’ की सदाओं के बीच कर्बला पहुंचे ताजिये
1923 ताजिए निकाले गए, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सम्मानित


असगर अली/देवरिया । मुहर्रम की दसवीं पर रविवार को हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी जुलूस शांतिपूर्ण माहौल में निकाला गया। प्रशासन के अनुसार, जनपद में कुल 1,923 ताजिए रखे गए थे, जिनमें से 1,590 स्थानों से सुरक्षा व्यवस्था के बीच जुलूस निकाले गए। अकीदतमंदों ने “या हुसैन” की सदाओं के साथ ताजिए निकालकर मेले का आयोजन कर कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किए। शहर में स्टार क्लब अब्बासिया अखाड़ा, अबूबकर नगर की अगुवाई में विभिन्न अखाड़ों और ताजियों का जुलूस निर्धारित मार्गों से होता हुआ तहसील चौक पहुंचा। इसके बाद, मालवीय रोड स्थित आर्य समाज मंदिर के सामने विभिन्न मोहल्लों से आए ताजियों का मिलन हुआ। इस अवसर पर अंजुमन इस्लामिया के सदर मोहम्मद जलालुद्दीन खान ने बेहतर ताजिया और उत्कृष्ट करतब दिखाने वाले अखाड़ों को सम्मानित किया।बेहतरीन ताजिया निर्माण के लिए देवरिया खास के हाजी असगर अली को प्रथम, अलीनगर के शाहजाद कुरैशी को द्वितीय, रजला के अलाउद्दीन अंसारी को तृतीय तथा मेहड़ा पुरवा के वसीम अंसारी को सम्मानित किया गया। जुलूस में स्टार क्लब अब्बासिया, चांद क्लब, फाइव स्टार क्लब, ताज क्लब और इस्लामिया अखाड़ा सहित कई अखाड़ों ने हिस्सा लिया। युवाओं ने लाठी, तलवार और पारंपरिक युद्धकला के करतब प्रस्तुत किए, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मार्गों पर एकत्रित हुए।शाम को तहसील चौक से अमन गेट होते हुए दसवीं का जुलूस निकला गया। जिले के अबूबकर नगर, अलीनगर, नई कॉलोनी, बांस देवरिया, खरजरवा, रघवापुर, रामपुर कारखाना, डुमरी, भाटपार रानी क्षेत्र के अकटही बाजार में कोठीलवा, रघुनाथपुर, सोहनपुर, नोनार पांडेय सहित कई गांवों की ताजिययो का मिलन हुआ,जिसमें कोठीलवा की ताजिया मो. शेर अली अंसारी (पूर्व प्राचार्य )की ताजिया को प्रथम स्थान से सम्मानित किया गया,भटनी, सलेमपुर, देसही, नवलपुर, बैजनाथपुर, पोखरभिंडा सहित अन्य मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में भी ताजिए निकाले गए। कई स्थानों पर मेले लगे और अखाड़ों के खिलाड़ियों ने पारंपरिक प्रदर्शन किए।मुहर्रम को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। शासन के निर्देशानुसार, ताजियों की ऊंचाई 12 फीट तक सीमित रखी गई थी, जबकि जुलूस में डीजे पर निर्धारित संख्या में ही साउंड बॉक्स लगाने की अनुमति दी गई। बीट पुलिसकर्मियों ने ताजियों की ऊंचाई और ध्वनि व्यवस्था की लगातार निगरानी की। पूरे जिले में पुलिस बल की तैनाती के बीच मुहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। ताजिया के मेले में गंगा जमुनी तहजीब देखने को मिला।



