ट्रंप के फोटो ‘बम’ पर भड़कीं इटली की पीएम जियोर्जिया मेलोनी
मेलोनी बोलीं, न मैं झुकती हूं, न इटली कभी मिन्नतें करता है, बड़बोले नेताओं में गिने जाते हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
कानपुर। अमेरिकी राष्ट्रपति का पहला कार्यकाल भी विवादित ही रहा है। इसकी वजह से जो बाइडन के हाथों उनको हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि दूसरी बार वह

फिर अमेरिका के राष्ट्रपति चुने गए लेकिन विवादों ने उनका साथ नहीं छोड़ा। वह कब किसके लिए क्या बोल जाएं, यह कोई सोच भी नहीं सकता है। उनका शुमार बड़बोले नेताओं में किया जाता है। हाल ही में वह फ्रांस में आयोजित G-7 समिट में अन्य राजनेताओं के साथ शामिल हुए। उनकी वहां पर इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी से ट्यूनिंग अच्छी दिखाई दी लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान ने कंट्रोवर्सी क्रिएट कर दी। इसके बाद इटली की प्रधानमंत्री ने भी मुंह तोड़ जवाब दिया जिससे एक बार फिर दोनों में दूरियां बढ़ती नजर आ रही हैं।
इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी का जन्म 15 जनवरी 1977 को रोम में हुआ था। वह इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। हालांकि उनका बचपन अच्छी तरह नहीं गुजरा। उनके पिता बचपन में ही परिवार छोड़कर चले गए थे। इसलिए उनकी मां ने गर्बटेल्ला की गरीब बस्ती में उनकी परवरिश की। 15 साल की उम्र में वह एक दक्षिणपंथी युवा संगठन में शामिल हुईं। बाद में उन्होंने ब्रादर्स ऑफ इटली पार्टी बनाई। वह इटली की एक मजबूत नेता बनकर उभरी हैं। वह परिवार, परंपरा और राष्ट्रवाद पर जोर देती हैं। मेलोनी समलिंगी विवाह, सरोगेसी और जेंडर थ्योरी के खिलाफ हैं। G-7 समिट में अपनी नौ साल की बेटी जिनेव्रा के साथ गईं थीं। वह अकेले ही बच्ची की परवरिश कर रही हैं।
G-7 समिट में उनके साथ कनाडा के पीएम मार्क कार्नी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रो, जर्मनी चांसलर फ्रेडरिक मार्ट्ज, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, जापान की पीएम शिगेरू इशिबा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, तुर्किए के राष्ट्रपित रजब यर्दोगान, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर पुतिन आदि शामिल रहे। इस दौरान मोलेनी की ट्यूनिंग सभी नेताओं से अच्छी दिखी। समिट के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी वह खूब बतियाते दिखीं।
समिट से लौटते ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने मेलोनी को लेकर एक ‘बम’ यह कहते हुए फोड़ दिया कि वह उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए मिन्नतें कर रही थीं। वह इतना चाहती थीं कि मैनें मना कर दिया होता तो अफसोस होता।
ट्रंप के इस ‘बम’ पर मेलोनी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ‘ ट्रंप की यह बात पूरी तरह बढ़ी हुई और झूठी है। मैं हैरान हूं कि अमेरिका का राष्ट्रपति अपने सहयोगियों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों कर रहा है।’ उन्होंने साफ कहा कि न मैं झुकती हूं, न इटली कभी मिन्नतें करता है। इस विवाद ने इतना तूल पकड़ लिया है कि इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने अपना अमेरिका जाने का कार्यक्रम ही रद्द कर दिया है। उन्होंने भी इसे गंभीर और अपमानजनक बताया। पहले मेलोनी को ट्रंप का सबसे करीबी और भरोसेमंद नेता माना जाता था लेकिन अब रिश्ते खराब होते दिख रहे हैं।
मेलोनी के इस सख्त जवाब की सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा हो रही है। लोग कमेंट कर रहे हैं कि एक मजबूत देश की पीएम होने के नाते उनको इसी तरह सख्त लहजे में जवाब देना चाहिए। हालांकि मेलोनी भी रील बनाने के लिए मशहूर हैं।
मई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पांच देशों की यात्रा के दौरान इटली गए थे। वहां पर उन्होंने इटली की पीएम मेलोनी को मेलोडी चॉकलेट का पैकेट दिया था। इसकी भी दुनियाभर में चर्चा हुई थी।
अब देखना यह होगा कि भविष्य में जब कभी दोनों देश आमने सामने होंगे तो उनके रिश्ते किस तरह होंगे। ईरान में अमेरिका और इस्राइली हमले के दौरान नाटो चुप रहा। उसने इस युद्ध का समर्थन नहीं किया था। इटली भी इस युद्ध से दूर रहा। इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने नाराजगी जताई थी। अब देखना होगा कि ट्रंप के इस बयान से दोनों देशों के संबंधों पर कितना असर पड़ता है। हालांकि इस बात से यह सबक मिलता है कि राजनेताओं को अपनी बातों पर संयम रखना चाहिए।



