Slide 1
Slide 1
देशनई दिल्ली

New Delhi : आर्थिक साझेदारी, निवेश को बढ़ावा देगा भारत-न्यूजीलैंड एफटीएः जयशंकर

New Delhi News : ने भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते को दोनों देशों के संबंधों में एक ‘ऐतिहासिक मील का पत्थर’ है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने इसे आर्थिक सहयोग, रणनीतिक विश्वास और भविष्य की साझेदारी के एक नए अध्याय की शुरुआत कहा है। दरअसल भारत और न्यूजीलैंड के बीच कई वर्षों की बातचीत के बाद आखिरकार फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) हो गया है। इसके तहत न्यूजीलैंड को होने वाले 100 प्रतिशत भारतीय निर्यात पर टैरिफ छूट मिलेगी। वहीं, न्यूजीलैंड से भारत आने वाले 95 प्रतिशत सामान पर टैरिफ में छूट दी गई है या फिर टैरिफ कम कर दिया गया है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के कॉमर्स मिनिस्टर टॉड मैक्ले की उपस्थिति में समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।

समझौते के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा भारत और न्यूजीलैंड के बीच एफटीए पर हस्ताक्षर होना हमारे संबंधों के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। यह एफटीए आर्थिक साझेदारी को और मज़बूत करेगा, निवेश को बढ़ावा देगा और हमारे निर्यातकों के लिए बाज़ार तक पहुंच को बेहतर बनाएगा। इसके साथ ही, यह इनोवेटर्स, उद्यमियों, किसानों, एमएसएमई, महिलाओं और युवाओं के लिए नए अवसर भी खोलेगा। विदेश मंत्री ने अपनी पोस्ट में कुछ आंकड़े भी साझा किए, जिनसे पता चलता है कि भारत को इस समझौते से काफी फायदा होने वाला है। उन्होंने बताया कि इस मुक्त व्यापार समझौते में एक प्रावधान यह भी है कि न्यूजीलैंड अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश करेगा। इसके अलावा इससे भारतीय निर्यात को भी पंख लगेंगे, क्योंकि भारत को अपने 100 प्रतिशत निर्यात पर न्यूजीलैंड के बाजार में ड्यूटी-फ्री (शून्य शुल्क) पहुंच मिलेगी, जिससे विशेष रूप से कपड़ा, फार्मास्यूटिकल्स और इंजीनियरिंग क्षेत्र को लाभ होगा। वहीं कुशल पेशेवरों के लिए सालाना 5,000 वीजा का प्रावधान किया गया है, जिससे आईटी और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में गतिशीलता बढ़ेगी। वर्तमान में लगभग आठ हजार भारतीय छात्र न्यूजीलैंड में पढ़ रहे हैं। नया समझौता छात्रों के लिए पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा के नियमों को और आसान बनाएगा। डॉ. जयशंकर ने इस बात पर भी जोर दिया कि यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के पीएम क्रिस्टोफर लक्सन के मार्गदर्शन में रिकॉर्ड समय में संपन्न हुआ है। बता दें कि दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी अब तक की सबसे मजबूत स्थिति में है। दोनों देशों का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 5 अरब डॉलर तक पहुंचाना है।

(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button