लखनऊ के प्रोफेसर एसपी सिंह बने त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय के कुलपति

लखनऊ: लखनऊ के प्रोफेसर एस. पी. सिंह, जो वर्तमान में अहमदाबाद, गुजरात स्थित कौशल्या द स्किल यूनिवर्सिटी में महानिदेशक एवं कुलपति के रूप में लगभग दो वर्षों से अपनी सेवाएँ दे रहे हैं, को भारत सरकार द्वारा त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय (टीएसयू) का कुलपति नियुक्त किया गया है।
भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के अंतर्गत स्थापित राष्ट्रीय महत्व का संस्थान त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय (टीएसयू), गुजरात के आनंद में स्थित है तथा इसका विकास इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल मैनेजमेंट आनंद (इरमा) के शैक्षणिक सहयोग एवं विशेषज्ञता के आधार पर किया गया है। इस विश्वविद्यालय की स्थापना सहकारी प्रबंधन, कृषि व्यवसाय तथा ग्रामीण विकास के क्षेत्रों में नेतृत्व तैयार करने के उद्देश्य से की गई है।
कौशल्या द स्किल यूनिवर्सिटी, गुजरात सरकार द्वारा स्थापित एक अग्रणी कौशल-आधारित विश्वविद्यालय है, जिसका उद्देश्य उद्योगोन्मुखी एवं कौशल-वेद्रित शिक्षा को बढ़ावा देना है। जुलाई 2024 में कौशल्या द स्किल यूनिवर्सिटी के प्रथम पूर्णकालिक कुलपति के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के बाद प्रोफेसर सिंह ने विश्वविद्यालय को नई दिशा प्रदान की। उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने संस्थागत विकास, प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण एवं शैक्षणिक विस्तार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने न केवल विश्वविद्यालय की एक विशिष्ट एवं आधुनिक पहचान स्थापित करने में योगदान दिया, बल्कि इसके प्रतिष्ठित एवं अद्वितीय परिसर अवसंरचना के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त, उन्होंने विश्वविद्यालय की प्रशासनिक संरचना, शैक्षणिक प्रक्रियाओं, परीक्षा प्रणाली, संस्थागत नियमावली तथा संचालन व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित किया। एक नवस्थापित संस्थान को संरचित एवं कुशलतापूर्वक संचालित विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करना उनकी प्रमुख उपलब्धियों में माना जाता है।
कौशल्या द स्किल यूनिवर्सिटी से जुडने से पूर्व प्रोफेसर सिंह ने लगभग आठ वर्षों तक गुवाहाटी स्थित असम रॉयल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के संस्थापक कुलपति के रूप में सफलतापूर्वक कार्य किया, जहाँ उन्होंने इसे एक प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थान के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त, उन्होंने लगभग दो वर्षों तक एमिटी यूनिवर्सिटी छत्तीसगढ़ के कुलपति के रूप में भी कार्य किया। वर्षों के दौरान उन्होंने लखनऊ स्थित शेरवुड ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, गुवाहाटी के रॉयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, एमिटी यूनिवर्सिटी मुंबई तथा कई अन्य प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के विकास एवं संस्थान निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
प्रोफेसर एस. पी. सिंह को एक दूरदर्शी शैक्षणिक नेता, कुशल प्रशासक एवं सफल संस्थान निर्माता के रूप में व्यापक पहचान प्राप्त है। उन्हें नए संस्थानों की स्थापना, सुदृढ़ शैक्षणिक एवं प्रशासनिक प्रणालियों के निर्माण तथा दीर्घकालिक संस्थागत विकास रणनीतियों के निर्माण का व्यापक अनुभव प्राप्त है।
वर्ष 2025 में अस्तित्व में आए त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति के रूप में प्रोफेसर सिंह से अपेक्षा की जा रही है कि वे भारत सरकार की परिकल्पना के अनुरूप इस राष्ट्रीय महत्व के संस्थान को नई दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे। उनके व्यापक अनुभव, सिद्ध नेतृत्व क्षमता एवं संस्थान निर्माण के उत्कृष्ट रिकॉर्ड को देखते हुए यह व्यापक रूप से अपेक्षित है कि वे विश्वविद्यालय को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएँगे तथा इसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान दिलाएँगे।
प्रोफेसर एस पी सिंह लखनऊ विश्वविद्यालय के भूगर्भ शास्त्र विभाग के विद्यार्थी रहे हैं। वहीं पे १९९४ से १९९६ तक प्रवक्ता फिर साक्षरता निकेतन कानपुर रोड में ५ वर्ष एनएसएस प्रोग्राम में प्रवक्ता रहे और लखनऊ विश्वविद्यालय से एमबीए किया। तदुपरांत २००१ से २००९ तक शेरवुड लखनऊ के निदेशक रहे। वर्ष २००९ में रॉयल ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस, गुवाहाटी के निदेशक बनने पर ४२ वर्ष लखनऊ में नाम कमाने के बाद गुवाहाटी गए और तबसे लखनऊ की कीर्ति विभिन्न राज्यों में अपनी प्रतिभा से फैला रहे हैं ।




