UPPCL के चेयरमैन से नाराज ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा, कहां बिना मेरी इजाजत कैसे महंगी हुई बिजली
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लखनऊ। यूपी में बिजली के बिल के साथ दस प्रतिशत सरचार्ज का मामला गंभीर होता जा रहा है। बिजली महंगी करने के पहले ऊर्जा मंत्री से अनुमति भी नहीं ली गई । मीडिया से इसकी जानकारी होने पर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा का गुस्सा उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के चेयरमैन आशीष गोयल पर फूट पड़ा है । ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बिजली बिल महंगे करने के फैसले और अन्य मुद्दों पर गोयल से सख्त लहजे में सवाल पूछा है। मंत्री ने चेयरमैन को पत्र लिखकर पूछा है। बिना उन्हें विश्वास में लिए ऐसे फैसले कैसे लिए गए। जनता के बीच सरकार की छवि खराब क्यों की गई। उन्होंने पत्र लिखकर पूछा है कि बिजली बिल महंगा करने जैसे महत्वपूर्ण फैसले को लेकर उनसे पूछना तक भी उचित नहीं समझा गया। यूपी के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने अपने लेटर में पूछा है कि बिजली महंगी करने के फैसले की वजह से सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया पर नकारात्मक प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने आगे लिखा कि सोशल मीडिया से भी मुझे भी जानकारी हुई है. ऐसे महत्वपूर्ण विषय पर फैसले से पहले विभाग के मंत्री से ही अनुमति तो दूर जानकारी देना भी उचित नहीं समझा गया। ऊर्जा मंत्री ने गोयल को पत्र में लिखा ‘मेरे बार-बार मना करने के बाद भी कुशल कर्मचारियों की छंटनी बंद नहीं की गई। मनमाने ढंग से कुशल कर्मचारियों को हटाकर अकुशल लोगों की भर्ती की जा रही है। जिसका परिणाम आज भुगतना पड़ रहा है। एक मई 2026 को सहारनपुर मंडल उपाध्यक्ष अंकुर सैनी ने एक मामले को संज्ञान में लाया था। उन्होंने बताया था कि 15 वर्ष से कार्यरत लाइनमैन सुंदर सैनी को हटाकर नए लाइनमैन को रख लिया गया। इसकी जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाए। इतना ही नहीं ऊर्जा मंत्री ने रोक के बाद भी आशीष गोयल के मुख्यालय छोड़ने पर भी नाराजगी जताई है। पत्र में उन्होंने आगे लिखा कि मई में आंधी-तूफान से खासकर 28 मई और 29 मई को विद्युत व्यवस्था प्रभावित हुई । लाखों उपभोक्ताओं को परेशानी ना हो और रिपेयरिंग और रेस्टोरेशन की व्यवस्था के लिए 30 मई को समीक्षा बैठक बुलाई गई थी। जानकारी मिली की ऐसी चुनौतीपूर्ण स्थिति में भी आप हेडक्वार्टर से बाहर हैं।



