Slide 1
Slide 1
राजनीतिविदेश

International News प्रशांत द्वीपीय देशों वानुअतु, तुवालु के दौरे पर विदेश राज्यमंत्री मार्गेरिटा

पोर्ट विला। विदेश राज्यमंत्री पबित्रा मार्गेरिटा 22 से 25 अप्रैल तक दक्षिण प्रशांत महासागर के द्वीपीय देशों वानुअतु और तुवालु की आधिकारिक यात्रा पर रहे। यह दौरा प्रशांत द्वीपीय देशों के साथ भारत के राजनीतिक और विकासात्मक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया। राज्य मंत्री मार्गेरिटा ने अपनी यात्रा के पहले चरण में वानुअतु के प्रधानमंत्री जोथम नापत और विदेश मंत्री जेवियर इमैनुएल हैरी के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इस दौरान उन्होंने यहां पोर्ट विला में भारत सरकार की सहायता से स्थापित ‘सूचना प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र’ का दौरा भी किया।मार्गेरिटा ने वानुअतु के पीएम से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा वानुअतु के प्रधानमंत्री जोथम नापत से भेंट करके मुझे गर्व का अनुभव हुआ। हमने प्रमुख क्षेत्रों में भारत-वानुअतु द्विपक्षीय सहयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर सौहार्दपूर्ण और सार्थक चर्चा की, जिसके माध्यम से हमने अपने लोगों के कल्याण और प्रगति के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।

उन्होंने एक अन्य पोस्ट में लिखा वानुअतु के कार्यवाहक विदेश मंत्री जेवियर इमैनुएल हैरी से मिलकर मुझे प्रसन्नता हुई। भारत और वानुअतु के बीच आपसी विश्वास और साझा मूल्यों पर आधारित एक मजबूत साझेदारी है। हमने द्विपक्षीय विकास सहयोग को आगे बढ़ाने पर सार्थक चर्चा की, विशेष रूप से स्वास्थ्य, क्षमता निर्माण और जलवायु-अनुकूल बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में। हमने बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग के विषय पर भी चर्चा की। वानुअतु की विकास यात्रा में भारत एक प्रतिबद्ध और विश्वसनीय भागीदार बना रहेगा।इसके बाद राज्य मंत्री तुवालु पहुंचे, जहां वे देश के प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ द्विपक्षीय बैठकों में शामिल होंगे। अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान वे भारत के ‘सहायता अनुदान’ कार्यक्रम के तहत चल रही विकास सहायता परियोजनाओं की समीक्षा भी करेंगे। उन्होंने यहां पहुंचने पर एक्स पर लिखा तुवालु की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर फ़ुनाफ़ुटी पहुंचा। हमारी पुरानी दोस्ती और साझेदारी को और मजबूत करने के लिए सार्थक मुलाकातों का इंतजार है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा मार्गेरिटा की वानुअतु व तुवालु की यह यात्रा, प्रशांत द्वीप देशों के साथ राजनीतिक और विकासात्मक सहयोग संबंधों को मजबूत करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। यह यात्रा मई 2023 में पोर्ट मोरेस्बी में आयोजित ‘फोरम फॉर इंडिया-पैसिफिक आइलैंड्स कोऑपरेशन’ यानी फिपिक के ऐतिहासिक तीसरे शिखर सम्मेलन की निरंतरता में है।

(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button