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वाराणसी

वाराणसी : विश्व होम्योपैथी दिवस : डॉ सैमुअल हेनिमैन का 271व जन्मदिन हर्षोल्लास के साथ मनाया 

अजित पाण्डेय / वाराणसी।  विश्व होम्योपैथी दिवस के अवसर पर डॉ सैमुअल हेनिमैन का 271 व जन्मदिन समारोह, पहाड़िया स्थित होटल दी वर्टेक्स-सुरभि इंटरनेशन में बड़े ही धूमधाम व हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया। आज के वैश्विक जगत में जहां नाना प्रकार की बीमारियां अपना पांव पसारती जा रही है, ऐसे अवसर पर इस समारोह के माध्यम से विभिन्न चिकित्सकीय पहलुओं पर मंथन किया गया। इस अवसर पर 150 से अधिक की संख्या में गणमान्य चिकित्सक व अतिथि मौजूद थे। इस वर्ष के जन्मदिन का थीम हार्मोनी थ्रू  Homeopathy-Healing Beyond Borders” की विश्व बंधुत्व की भावना से प्रेरित था. इस अवसर पर सभी चिकित्सकों ने महात्मा हेनिमैन को पुष्पांजलि अर्पित कर उनसे प्रेरणा व आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनपद वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी उपस्थित थे। जबकि समारोह की अध्यक्षता प्रो. प्रेम नारायण सिंह (Director-Inter University Centre For Teacher Education, BHU) किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिधि के रूप में डॉ सदानंद गुप्ता (ADM-Finance / Revenue, Varanasi ) , विशिष्ट अतिथि-आजीवन सदस्य दी होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इंडिया-डॉ आरपी सिंह एवं वाराणसी शहर की जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ रचना श्रीवास्तव जी की गरिमामयी उपस्थित रही। मुख्य अतिथि मा. श्री अशोक तिवारी जी महापौर वाराणसी ने कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर विधिवत उद्घाटन किया। मंबासीन सभी अतिथियों ने इसमें सहयोग करते हुए महात्मा को माल्यार्पण करना नमन किया। इस अवसर पर दी होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष डॉ एसपी सिंह साहब, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ वी के पाण्डेय, एचएमएआई-वाराणसी के संरक्षक वरिष्ठ चिकित्सक डॉ विजय नारायण सिंह, डॉ आरपी सिंह, डॉ डीएन सिंह, डॉ बृजेश सिंह पूर्व मेंबर होम्योपैधिक मेडिसिन बोर्ड लखनऊ, वर्तमान उपाध्यक्ष डॉ अम्बरीष कुमार राय की गरिमा उपस्थित रही जो कार्यक्रम की शोभा बढ़ा रहे थे। मुख्य अतिथि के पद से बोलते हुए महापौर डॉ अशोक तिवारी जी ने कहा की होम्योपैथिक चिकित्सकों की समस्याओं पर ध्यान दिया जाएगा। विशेष रूप से अभी नगर निगम के द्वारा कूड़ा निस्तारण में होम्योपैथिक चिकित्सकों की क्लीनिक से भी वहीं चार्ज लिया जा रहा है जो अन्य अस्पतालों से लिया जाता है। मैं जानता हूं की होम्योपैथिक क्लीनिक से जो अपशिष्ट निकलता है, वह न के बराबर है। ऐसे में में प्रयास करूंगा कि उनकी श्रेणी अलग करके उनके शुल्क को न्यूनतम किया जाए।

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