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वाराणसी

काशी में एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन से व्यापार, पर्यटन और उद्योग को मिला नई दिशा

भारत की विरासत और आर्थिक शक्ति को आगे बढ़ाने का संकल्प – डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश

लखनऊ। मध्यप्रदेश शासन द्वारा मंगलवार को वाराणसी स्थित रामाडा होटल में एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन 2026 का आयोजन किया गया । जिसमें मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्मुख्य अतिथि और उत्तर प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के मंत्री राकेश सचान, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता “नंदी”, स्टाम्प एवं पंजीयन राज्यमंत्री रवीन्द्र जायसवाल की सम्मेलन में गरिमामय उपस्थिति रही। मध्य प्रदेश (एमपी) और उत्तर प्रदेश (यूपी) के बीच 2026 में हुए सहयोग सम्मेलन में श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास प्राधिकरण, वाराणसी और श्री महाकाल मंदिर प्रबंधन समिति उज्जैन के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस एमओयू के तहत, काशी विश्वनाथ धाम में सफल मानक संचालन प्रक्रियाओं को उज्जैन स्थित श्री महाकाल मंदिर कॉरिडोर की आवश्यकताओं के अनुरूप ढाला जाएगा। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री की उपस्थिति में यह एमओयू आदान-प्रदान किया गया। मध्य प्रदेश की ओर से आशीष सिंह आयुक्त उज्जैन संभाग और उत्तर प्रदेश की ओर से श्री विश्व भूषण मिश्रा मुख्य कार्यपालक अधिकारी, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट ने एमओयू का आदान-प्रदान किया। औद्योगिक और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भी दोनों राज्यों के बीच एमओयू आदान-प्रदान किया गया। यह एमओयू ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) पहल को मजबूत करेगा, स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगा और अंतर्राज्यीय सहयोग से आर्थिक विकास को गति प्रदान करेगा। मध्य प्रदेश की ओर से चंद्रमौली शुक्ला प्रबंध संचालक एमपीआईडीसी और उत्तर प्रदेश की ओर से रोहित आनंद अपर आयुक्त उद्योग विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार ने इस एमओयू का आदान-प्रदान किया।  यह पहली बार है कि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश ने ओडीओपी और जीआई टैग कारीगर सहयोग के लिए एक औपचारिक ढांचा तैयार किया है। इस एमओयू का उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच सहयोग का एक ढांचा स्थापित करना और संयुक्त ज्ञान का आदान-प्रदान करना है। ओडीओपी उत्पाद का हस्तांतरण भी दोनों राज्यों के बीच किया गया, जो ‘एक जिला एक उत्पाद’ की अवधारणा को साकार करता है, जिसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विचारों से जन्म मिला है।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की विरासत को आगे बढ़ाने में प्रधानमंत्री के नेतृत्व की प्रशंसा की और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को राज्य की प्रगति में उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने मंत्री नंद गोपाल गुप्ता और राकेश सचान के साथ साथ  नीलेश मिश्रा और पद्मश्री रजनीकांत का भी अभिनंदन किया, जिन्होंने GI टैग के महत्व और मध्य प्रदेश में इसके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के प्रयासों की सराहना की और बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत 11वें से चौथी आर्थिक शक्ति बन गया है और जल्द ही तीसरी शक्ति बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने मध्य प्रदेश सहित देश से नक्सलवाद को सफलतापूर्वक समाप्त करने में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के योगदान को भी रेखांकित किया।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने काशी विश्वनाथ और उज्जैन के महाकाल महालोक के माध्यम से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना पर उत्तर प्रदेश के साथ सहयोग करने की बात कही, जो बुंदेलखंड क्षेत्र को लाभ पहुंचाएगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि दोनों राज्य 2000 मेगावाट की एक सौर ऊर्जा परियोजना पर काम कर रहे हैं, जिससे किसानों को सस्ती और हरित ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकारों के अधिकारियों ने कुंभ मेले के प्रबंधन और धार्मिक स्थलों पर तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। मध्य प्रदेश ने सिंचाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की है और निर्यात को 5000 करोड़ से 70000 करोड़ तक बढ़ाया है। चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में, उन्होंने कहा कि 2002-03 में केवल पांच मेडिकल कॉलेज थे, जबकि अब राज्य में 40 मेडिकल कॉलेज हैं। उन्होंने मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए सरकारी सहायता के रूप में 300 बिस्तरों वाले अस्पताल के लिए एक रुपये में 30 एकड़ जमीन और मेडिकल छात्रों की फीस के लिए ऋण का भी उल्लेख किया। 100 बिस्तरों वाले अस्पताल के लिए 30 करोड़ रुपये का अनुदान और कृषि-आधारित उद्योगों के लिए 50% अनुदान सहित अन्य योजनाओं पर भी प्रकाश डाला गया।

मंत्री राकेश सचान ने कहा कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें दोनों राज्यों के बीच भौगोलिक निकटता और मजबूत संबंधों पर जोर दिया गया। उत्तर प्रदेश में एमएसएमई क्षेत्र कृषि के बाद सबसे बड़ा रोजगार प्रदाता है, जिसमें 96 लाख से अधिक इकाइयाँ 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार देती हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे का विकास हुआ है, जिसमें सड़क संपर्क, हवाई अड्डे और कानून व्यवस्था में सुधार शामिल है, जिससे राज्य में निवेश बढ़ा है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) योजना ने पारंपरिक उत्पादों को बढ़ावा दिया है, जिससे निर्यात में वृद्धि हुई है और कारीगरों को सहायता मिली है। मंत्री नंद गोपाल गुप्ता “नंदी” ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की प्रशंसा की, साथ ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का काशी में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच गहरे सामाजिक और भावनात्मक संबंध हैं और दोनों राज्यों में डबल इंजन की सरकारें जनहित और राष्ट्रहित को प्राथमिकता दे रही हैं उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास, कानून व्यवस्था में सुधार, और एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला गया, जैसे कि युवा उद्यमी विकास अभियान और एक जनपद एक उत्पाद योजना। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के निर्यात में हुई वृद्धि और इंटरनेशनल ट्रेड शो के आयोजन का उल्लेख किया, साथ ही बताया कि कैसे ओडीओपी योजना ने स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दी है। भारत की मजबूत स्थिति पर जोर दिया, खासकर वैश्विक संकटों के बावजूद, और उत्तर प्रदेश में सड़क नेटवर्क और जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसे बड़े विकास परियोजनाओं का जिक्र किया। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच सहयोग को बढ़ावा देने की बात कही, और अपने भाषण का समापन उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत की प्रशंसा करते हुए किया।

नीलेश मिश्रा, फाउंडर एवं सीईओ, गांव कनेक्शन ने अपनी जन्मभूमि मध्य प्रदेश और कर्मभूमि उत्तर प्रदेश के बीच एक सेतु के रूप में अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने अपने बचपन की यादें साझा कीं, जिसमें सैनिक स्कूल रीवा में हेलीकॉप्टर को निहारना और मध्य प्रदेश के आदिवासी समुदायों के साथ समय बिताना शामिल था, जिसने उनके अंदर ‘गांव कनेक्शन’ की नींव रखी। उन्होंने बताया कि किस तरह उनके कहानियों को देश के करोड़ों लोगों तक पहुँचाने का मौका मिला, जिसमें उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की मिट्टी, यादें, संस्कार और परंपराएं हमेशा घुली-मिली रही हैं। नीलेश मिश्रा ने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के “डबल इंजन” की कहानी कहने के लिए “डाकिए” (ज़मीनी पोस्टमैन) की आवश्यकता पर जोर दिया, जो इन कहानियों को महसूस करें और देश-दुनिया तक ले जाएं। उन्होंने उत्तर प्रदेश में ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद) अभियान और मध्य प्रदेश में क्षेत्रीय औद्योगिक कॉन्क्लेव की सराहना की, जिसमें इन दोनों राज्यों के कारीगरों और कलाकारों की कहानियों को दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

 

 

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