संत प्रसन्नदास जी के नाम पर खड़ान गांव का नाम बदलने की मांग

चन्दौली। धानापुर क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार से धानापुर ब्लॉक के खड़ान गांव का नाम बदलकर महान तपस्वी संत श्री श्री 1008 परमहंस बाबा प्रसन्नदास जी के नाम पर रखने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने सैयदराजा विधायक सुशील सिंह को संबोधित एक मांग पत्र सौंपा।
अंजनी सिंह ने अपने मांग पत्र में कहा कि खड़ान गांव प्राचीन काल से संत-महात्माओं की तपोभूमि रहा है। यहां कई महान संतों ने तपस्या की है। उन्होंने बताया कि संत प्रसन्नदास जी महाराज, बाबा कीनाराम के समकालीन संत थे और उनके सिद्धियों व चमत्कारों की कथाएं आज भी क्षेत्र में श्रद्धा और विश्वास के साथ सुनाई जाती हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि इस पावन स्थल पर नेपाल से आए बाबा परमहंस जी महाराज ने भी साधना की थी, जिन्हें उत्तर प्रदेश और बिहार के पूर्वी क्षेत्र में नेपाली बाबा या गोरखाली बाबा के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा रेखई राम जी जैसे संतों ने भी यहां धूनी रमाई और इसी तपोभूमि पर रामायण ग्रंथ की रचना की थी, जिसका उल्लेख महान संत अखंडानंद सरस्वती जी द्वारा भी किया गया है।
अंजनी सिंह ने कहा कि ऐसे महान संतों की तपोभूमि को सम्मान देने के लिए खड़ान गांव का नाम बदलकर सिद्धपीठ धाम, सिद्धपीठपुरी, प्रसन्नदासपुरी या परमहंसपुरी रखने पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने विधायक से अनुरोध किया कि इस प्रस्ताव को सरकार और सदन के समक्ष रखकर इसे स्वीकृति दिलाने का प्रयास किया जाए, ताकि महान संतों की तपोभूमि को उचित सम्मान मिल सके।




