नई दिल्ली : राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में अक्षय पात्र फाउंडेशन ने 5 अरबवीं थाली परोसने का मनाया उत्सव

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परोसी अक्षय पात्र की 5 अरबवीं थाली
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अशोक कुमार मिश्र
नई दिल्ली: राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में अक्षय पात्र फाउंडेशन ने 5 अरबवीं थाली परोसने का उत्सव मनाया। 25 वर्ष की इस साधना-यात्रा के उत्सव में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान विशिष्ट अतिथि के रुप में शामिल हुए। कार्यक्रम में अक्षय पात्र के संस्थापक-चेयरमैन और इस्कॉन बेंगलोर के प्रेसिडेंट मधु पंडित दास तथा वाइस चेयरमैन चंचलापति दास उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का विषय ‘सुपोषित और सुशिक्षित भारत से विकसित भारत’ था, जिसने विकसित भारत के लिए बाल पोषण और शिक्षा की दिशा में सामूहिक प्रयासों को रेखांकित किया। इस कार्यक्रम में अक्षय पात्र के ट्रस्टी बोर्ड के सदस्य, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, प्रतिष्ठित नेता, सार्वजनिक नीति से जुड़े विचारक, परोपकारी, साझेदार, समर्थक और अन्य प्रमुख हितधारक शामिल हुए। इसके अलावा अक्षय पात्र के कुछ पूर्व लाभार्थी, छात्र, अभिभावक, शिक्षक और सरकारी स्कूलों के कर्मचारी भी उपस्थित थे। उत्सव के दौरान माननीय राष्ट्रपति ने बच्चों को उपहार दिए और उन्हें भोजन परोसकर इस उपलब्धि का उत्सव मनाया।
भारत सरकार की प्रमुख योजना पीएम-पोषण के कार्यान्वयन सहयोगी के रूप में अक्षय पात्र देशभर के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों को ताजा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा रहा है। वर्तमान में फाउंडेशन 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में 78 स्थानों पर स्थित अत्याधुनिक रसोईघरों के माध्यम से 23.5 लाख बच्चों को प्रतिदिन भोजन उपलब्ध करा रहा है। संस्था का लक्ष्य वर्ष 2030 तक प्रतिदिन 30 लाख बच्चों को भोजन उपलब्ध कराना है।
इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि सरकार द्वारा चलाई जा रही प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण-पीएम पोषण योजना के तहत बच्चों को उपलब्ध कराया जाने वाला पौष्टिक भोजन, देश की मानव पूंजी में एक महत्वपूर्ण निवेश है। राष्ट्रपति मुर्मु ने बच्चों को राष्ट्र के जनसांख्यिकीय लाभांश का आधार बताते हुए कहा कि वे आने वाले वर्षों में भारत की विकास यात्रा को गति प्रदान करेंगे। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि कई अध्ययनों से यह सिद्ध हुआ है कि पीएम पोषण योजना के परिणामस्वरूप बच्चों के स्कूलों में नामांकन, उपस्थिति और स्कूल में बने रहने की दर में वृद्धि हुई है, साथ ही उनकी सीखने की क्षमता और शैक्षणिक प्रदर्शन में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। राष्ट्रपति मुर्मु ने शिक्षा को मानव जीवन में अवसर सृजित करने का एक महत्वपूर्ण साधन बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने कहा कि सशक्तिकरण और क्षमता निर्माण की प्रक्रिया विद्यालय स्तर से ही शुरू होती है।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “मैं श्रील प्रभुपाद को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिनकी प्रेरणा से यह निःस्वार्थ खाद्य वितरण पहल शुरू हुई और आज एक जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। मैं श्री मधु पंडित दास जी और श्री चंचलापति दास जी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूं, जिनकी दूरदृष्टि ने अक्षय पात्र आंदोलन की नींव रखी। 25 वर्षों की यह यात्रा आसान नहीं रही, फिर भी आपका संकल्प अडिग बना रहा। आज इस जनआंदोलन के सबसे बड़े लाभार्थियों में से एक भारत का शिक्षा क्षेत्र है। 16 राज्यों और 25,000 से अधिक स्कूलों में आप प्रतिदिन 23.5 लाख बच्चों को पौष्टिक भोजन प्रदान कर रहे हैं। इसके लिए मैं अपनी गहरी सराहना व्यक्त करता हूं।
जब तक हमारे बच्चे और युवा सुपोषित नहीं होंगे, तब तक भारत अपनी पूर्ण क्षमता को प्राप्त नहीं कर सकता। आज भारत का विकास केवल उसकी भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक दक्षिण और मानवता के कल्याण के प्रति भी उसकी जिम्मेदारी है। यही ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की हमारी भावना का सार है। अक्षय पात्र फाउंडेशन पीएम पोषण योजना के एक महत्वपूर्ण कार्यान्वयन भागीदार के रूप में उभरा है। गुणवत्ता, स्वच्छता और नवाचार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के माध्यम से इसने इस मिशन को और सशक्त बनाया है। यह साझेदारी इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि सरकार, समाज और संस्थाएं मिलकर देश की जटिल चुनौतियों का समाधान कैसे कर सकती हैं। देश के हर बच्चे तक पौष्टिक भोजन पहुंचाना केवल सेवा नहीं, बल्कि भविष्य के प्रति हमारा संकल्प है। यह देश के युवाओं के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश का हर बच्चा सुपोषित होगा और हर बच्चा स्कूल में बना रहेगा। आइए, हम सभी मिलकर यह सुनिश्चित करें कि हमारी यह दृष्टि और संकल्प देश के हर बच्चे तक पहुंचे और विकसित भारत की नींव और अस्तित्व बने।”
श्री मधु पंडित दास ने कहा, “मैं आज के इस कार्यक्रम में पधारने के लिए राष्ट्रपति महोदया का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। साथ ही शिक्षा मंत्री और अन्य सभी विशिष्ट अतिथियों का भी धन्यवाद देता हूँ। जब हम मानवता की सेवा के 25 वर्ष और 5 अरब भोजन परोसने की उपलब्धि का उत्सव मना रहे हैं, तब हम श्रील प्रभुपाद के उस महान संकल्प को दोहराते हैं कि कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। यह कार्यक्रम अक्षय पात्र से जुड़े सभी लोगों को बच्चों की सेवा और अधिक उत्साह के साथ जारी रखने के लिए प्रेरित करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पीएम-पोषण जैसी प्रमुख योजना ने बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने और उन्हें नियमित रूप से स्कूल आने के लिए प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। जैसे-जैसे भारत ‘विकसित भारत’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है, ये उपलब्धियां स्कूल पोषण कार्यक्रमों को और सशक्त बनाने तथा अधिक से अधिक बच्चों तक पहुंचने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
‘वसुधैव कुटुंबकम्’ अर्थात पूरा विश्व एक परिवार है, हमारी सभ्यता का मूल आदर्श है। इसी भावना से प्रेरित होकर हमने अपने भोजन सेवा मिशन को भारत के बाहर भी विस्तारित किया है। मानव समाज की सामूहिक करुणा की परिवर्तनकारी शक्ति से हम निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ियों के लिए अधिक खुशहाल और स्वस्थ भविष्य के निर्माण में योगदान दे सकेंगे।” चंचलापति दास ने कहा, “अक्षय पात्र के लिए यह अत्यंत आनंद का अवसर है कि हमने अपनी 25 वर्ष की यात्रा में 5 अरब भोजन परोसने का महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल किया है। हम आज के इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अपने सभी अतिथियों का धन्यवाद करते हैं। हम भारत सरकार और विभिन्न राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश सरकारों के प्रति उनके निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन के लिए आभारी हैं। हम अपने दाताओं, साझेदारों और शुभचिंतकों का भी धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने ताजा और पौष्टिक भोजन के माध्यम से बच्चों के पोषण और शिक्षा को सुनिश्चित करने के हमारे प्रयासों में हमारा साथ दिया। इस अवसर पर हम अक्षय पात्र के उन सभी समर्पित पूर्णकालिक मिशनरियों और पेशेवरों के प्रति भी आभार व्यक्त करते हैं, जो समाज के कल्याण के लिए प्रतिदिन अथक परिश्रम कर रहे हैं।
हमें विश्वास है कि अक्षय पात्र की सफल सार्वजनिक-निजी साझेदारी (पीपीपी) भविष्य में और अधिक बच्चों को पोषण और शिक्षा तक आसान पहुंच दिलाने में मदद करेगी और वे आने वाले वर्षों में नए और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देंगे।”
5 अरब भोजन तक अक्षय पात्र की यात्रा
अक्षय पात्र की स्थापना 25 वर्ष पहले इस उद्देश्य से की गई थी कि भारत में कोई भी बच्चा भूख के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। फाउंडेशन ने अपनी भोजन सेवा की शुरुआत बेंगलुरु से की और कर्नाटक सरकार के साथ मिलकर अक्षरा दसोहा मध्याह्न भोजन योजना के तहत काम शुरू किया तथा राज्य के अन्य स्थानों पर भी रसोईघर स्थापित किए। विभिन्न हितधारकों के सहयोग से अक्षय पात्र ने धीरे-धीरे अपनी सेवाओं का विस्तार भारत के अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तक किया और यह दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ संचालित स्कूल लंच कार्यक्रम बन गया। अक्षय पात्र ने मात्र 12 वर्षों में 1 अरब भोजन परोसने की उपलब्धि हासिल की। वर्ष 2012 में इन्फोसिस के संस्थापक और परोपकारी श्री नारायण मूर्ति ने 1 अरबवीं थाली परोसी। वर्ष 2016 में भारत के पूर्व राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने बेंगलुरु में 2 अरबवीं थाली परोसी। वर्ष 2019 में भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वृंदावन में 3 अरबवीं थाली परोसी। इसके पांच वर्ष बाद 2024 में अक्षय पात्र ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में 4 अरब भोजन परोसने की उपलब्धि का जश्न मनाया गया। आज राष्ट्रपति भवन में भारत की माननीय राष्ट्रपति ने 5 अरबवीं थाली परोसी।
द अक्षय पात्र फाउंडेशन के बारे में
द अक्षय पात्र फाउंडेशन एक गैर-लाभकारी संगठन है और भारत सरकार की प्रमुख पीएम-पोषण योजना का कार्यान्वयन सहयोगी है। भारत सरकार, राज्य सरकारों, कॉर्पोरेट साझेदारों और परोपकारी दाताओं के साथ मजबूत सार्वजनिक-निजी साझेदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत कार्य करते हुए अक्षय पात्र कक्षा में भूख को समाप्त करने तथा बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा को समर्थन देने के लिए सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में ताजा और पौष्टिक मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराता है।
स्कूल भोजन कार्यक्रम से आगे बढ़कर फाउंडेशन की पहलें बच्चों की शिक्षा तक पहुंच, समुदायों की मजबूती और राष्ट्रीय विकास को भी समर्थन देती हैं। वर्ष 2000 में स्थापित अक्षय पात्र ने अपने छोटे से आरंभ से आगे बढ़ते हुए खाद्य और पोषण सुरक्षा में योगदान के कारण वैश्विक स्तर पर एक सामाजिक आंदोलन का रूप ले लिया है। वर्षों के दौरान इस कार्यक्रम ने स्कूलों में नामांकन और उपस्थिति बढ़ाने, कक्षा में भूख कम करने, बच्चों के शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार और उनके पोषण स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। फाउंडेशन दुनिया के सबसे बड़े स्वचालित और तकनीक-सक्षम सामुदायिक रसोई नेटवर्क में से एक का संचालन करता है, जिसे हर स्कूल दिवस पर बड़े पैमाने पर सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए डिजाइन किया गया है।





