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देवरिया : शिक्षा विभाग के भ्रष्ट सिस्टम से आजीज आकर शिक्षक ने दी जान

असगर अली/ब्यूरो चीफ, देवरिया। जनपद के गौरीबाजार विकास खंड के कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन में कार्यरत शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह ने शनिवार की भोर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सूत्रों के अनुसार मृतक शिक्षक ने आत्महत्या करने से पहले चार पन्ने का सुसाइड नोट लिखा साथ ही एक वीडियो भी बनाया, जिसमें जनपद के बेसिक शिक्षा विभाग के एक लिपिक पर प्रताड़ित करने और नौ लाख रुपये लेने का आरोप लगाया है। मृतक कृष्ण मोहन सिंह सैंतीस वर्षीय मूलरूप से कुशीनगर के कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के हरैया गांव के रहने वाले थे। वह शिवपुर सहबाजगंज में बड़े भाई अवधेश सिंह के यहां परिवार के साथ रहते थे। शनिवार सुबह उन्होंने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों के अनुसार शिक्षक ने नौकरी के नाम पर पत्नी के गहने बेचकर और बैंक से कर्ज लेकर रुपये दिए थे। आरोप है कि शुक्रवार को बेसिक शिक्षा देवरिया में संबंधित बाबू ने उन्हें बुलाकर रुपये को लेकर अपमानित किया था, जिससे वह मानसिक रूप से आहत हो गए। कृषक लघु माध्यमिक स्कूल मदरसन में 2016 में जिन शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी, उनका वेतन 2022 में बाधित कर दिया गया था। इसमें कृष्ण मोहन भी शामिल थे। हाईकोर्ट ने वेतन भुगतान का आदेश दिया था। कृष्णमोहन के पास से मिले सुसाइड नोट के अनुसार बीएसए कार्यालय के एक बाबू ने 16 लाख रुपये मांगे। उसने कर्ज लेकर 9 लाख रुपये दिए। इसके बाद भी वेतन का भुगतान नहीं किया गया।बाकी रुपए के लिए संबंधित बाबू दबाव देता रहता था। शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित चार पेज के सुसाइड नोट में देवरिया के बेसिक शिक्षा विभाग के एक बाबू संजीव सिंह पर 48 लाख रुपये घूस लेने का गंभीर आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने यह भी लिखा है कि वह मरना नहीं चाहते थे। पत्नी और बच्चों के लिए जीना चाहते थे। लेकिन उन्हें मरने के लिए मजबूर कर दिया गया। सुसाइड नोट में उनके अलावा दो अन्य शिक्षकों से भी 16-16 लाख रुपये लिए जाने का जिक्र किया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। सुसाइड नोट के अनुसार तीनों शिक्षक अर्पण तिवारी, ओंकार सिंह एवं कृष्ण मोहन सिंह कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय, गौरी बाजार में कार्यरत थे। वर्ष 2021 में नियुक्ति संबंधी जांच के बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी और मामला हाईकोर्ट तक लंबित रहा। आरोप है कि बाद में बीएसए कार्यालय के बाबू संजीव सिंह ने मामले में राहत दिलाने के नाम पर प्रति व्यक्ति 20 लाख रुपये की मांग की थी, जिसे बाद में 16 लाख रुपये प्रति व्यक्ति तय किया गया। नोट में लिखा है कि 27 जुलाई को देवरिया में बीएसए कार्यालय के पास पौधशाला के निकट घूस की पहली किस्त दी गई। शेष रकम अलग-अलग तिथियों में दी गई। आरोप है कि रुपये की व्यवस्था करने के लिए पत्नी के गहने गिरवी रखे गए, जमीन रेहन रखी दीऔर बैंक से कर्ज लिया । कृष्ण मोहन सिंह ने 17 नवंबर को बैंक शाखा पादरी बाजार से सात लाख रुपये निकालने का भी उल्लेख किया है। शिक्षक ने अपने पूर्व प्रधानाध्यापक पर भी आरोप लगाया है कि उन्होंने बीएसए कार्यालय में संपर्क कराया।शिक्षक ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि कर्ज के बोझ और अपमान से वह टूट चुके थे। उनकी आत्महत्या के जिम्मेदार संबंधित अधिकारी हैं। शुक्रवार को मुझे बीएसए ऑफिस बुलाकर जलील किया गया है, जिसे मैं बर्दाश्त नहीं कर पाया और मैं आत्महत्या के लिए मजबूर हो गया। उन्होंने अपने परिवार को परेशान न करने की अपील करते हुए अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपों की सत्यता की पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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