गाजीपुर : आशा बहुओ ने सरकारी करने की उठायी मांग

चंद्र मोहन तिवारी
गाजीपुर। उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन एवं आशा एवं आशासंगिनी कर्मचारी संगठन उत्तर प्रदेश के आहवाहन पर आशाकर्मी वर्षो से लम्बित मांगो के समर्थन मे अनिश्चित कालीन हड़ताल पर है। यह हड़ताल भी वर्षो से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और उनकी नौकरशाही व सरकार के तरफ से कोई सुनवायी न होने के कारण बाध्य होकर करना पड़ा। हड़ताल अभी भी जारी है। जिसके लिए जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्साधिकारी के माध्यम से शुक्रवार को प्रधानमंत्री भारत सरकार को सम्बोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी के प्रतिनिधि को भारतीय मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष दीपक राय व आशा संघ की अध्यक्ष रिजवाना खातून व प्रमिला कन्नौजिया की प्रतिनिधिमण्डल ने संयुक्त रूप से सौपा और आशा, आशासंगिनी को मानद स्वयंसेवक के बजाय 45 व 46वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिस के अनुरूप सरकारी कर्मचारी के रूप मंे वर्गीकृत किया जाये तथा प्रोत्साहन राशि के बजाय न्यूनतम वेतन लागू किया जाये। ईपीएफ, ईएसआई का सदस्य बनाया जाये। सेवा निवृत्ति पर ग्रेच्यूटी का भूगतान सुनिश्चित किया जाये। 10 लाख स्वास्थ्य बीमा एवं 50 लाख का जीवन बीमा सुनिश्चित किया जाये व न्यूनतम वेतन लागू होने पर आशाकर्मियों को आधारभूत मानदेय 21 हजार रूपया एवं आशासंगिनी को 28 हजार रूपया किया जाये। जननी सुरक्षा से जुड़े बुनियादी कार्य के अलावा अन्य कार्यो की उत्प्रेरण राशियों का निर्धारण कर नियमित कर पारदर्शी ढंग से भुगतान किया जाये। इस अवसर पर भारतीय मजदूर संघ व आशा संगिनी की कार्यकर्ता उपस्थित रही।




